जशपुर , टीम पत्रवार्ता, 20 जुलाई 2026
देशदेखा पर्यटन स्थल पर आकाशीय बिजली गिरने से तीन युवकों के चपेट में आने और एक युवक की मौत तथा दो के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने जशपुर जिले के पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी रामप्रकाश पांडेय ने जिले के संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
रामप्रकाश पांडेय ने कहा कि जशपुर जिला आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। जिले के अधिकांश प्रमुख पर्यटन स्थल जैसे देशदेखा, रानीदाह, दमेरा, दनगिरी सहित अन्य प्राकृतिक स्थल घने जंगलों और खुले पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहने पर पर्यटक इन स्थलों तक पहुंच जाते हैं, लेकिन पहाड़ी और वन क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल जाता है। ऐसे समय में न तो वहां सुरक्षित शेल्टर उपलब्ध हैं और न ही आकाशीय बिजली से बचाव के लिए तड़ित चालक (Lightning Arrester) जैसी कोई व्यवस्था है। परिणामस्वरूप पर्यटकों को खुले स्थानों में रुकना पड़ता है, जिससे जान-माल का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों का सुरक्षा सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर तड़ित चालक (Lightning Arrester) लगाए जाएं। इसके साथ ही सुरक्षित शेल्टर, चेतावनी बोर्ड, मौसम संबंधी अलर्ट डिस्प्ले, आपातकालीन संपर्क व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं भी विकसित की जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
रामप्रकाश पांडेय ने कहा कि जशपुर में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में केवल पर्यटन को बढ़ावा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। देशदेखा की घटना एक चेतावनी है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि पर्यटकों के जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा ढांचा शीघ्र विकसित किया जाए।


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