रायपुर, टीम पत्रवार्ता, 16 जुलाई 2026
केंद्र सरकार की ओर से प्रोत्साहित किए जा रहे E20 पेट्रोल को लेकर देश में पहली बार एक बड़ा उपभोक्ता आयोग का फैसला सामने आया है। रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में वाहन निर्माता कंपनी और डीलर को उपभोक्ता को नई कार देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि संबंधित वाहन का इंजन E20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं था और कंपनी ने उपभोक्ता को उचित सेवा नहीं दी। यह आदेश 4 जुलाई 2026 को पारित किया गया है।
आयोग ने निर्देश दिया कि यदि कंपनी नई कार उपलब्ध नहीं कराती है तो उसे वाहन की कीमत 20.50 लाख रुपये लौटानी होगी। इसके अलावा 1 लाख रुपये मानसिक प्रताड़ना और 10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने होंगे। आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करना होगा, अन्यथा देय राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना पड़ेगा।
आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि वाहन E20 पेट्रोल के उपयोग के अनुरूप नहीं था, जबकि उपभोक्ता को इस संबंध में पर्याप्त जानकारी और समाधान नहीं दिया गया। इसलिए वाहन निर्माता और डीलर दोनों को सेवा में कमी का दोषी माना गया।
यह फैसला केवल एक उपभोक्ता को राहत देने तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि E20 पेट्रोल से संबंधित विवादों में देशभर के वाहन मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल बन सकता है। हालांकि, यह आदेश इस विशेष मामले के तथ्यों के आधार पर दिया गया है और इसका अर्थ यह नहीं है कि E20 पेट्रोल हर वाहन के लिए अनुपयुक्त है।


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