अंबिकापुर/जशपुर 11 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने सुगम यातायात के लिए सभी क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को दिया है।सरकार के पैसे का समुचित सदुपयोग लोक निर्माण विभाग करने में अक्षम नजर आ रहा है।जिम्मेदार अधिकारी न केवल शासन की छवि धूमिल कर रहे हैं बल्कि आम जन की परेशानी भी बढ़ाते नजर आ रहे हैं।
सरगुजा से सीधे जशपुर जिले को जोड़ने वाली सड़क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।बतौली से भितघरा तक लगभग 45 किलोमीटर लंबी सड़क का लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा नवीनीकरण कार्य बरसात के बीच अधर में लटक गया है। समय पर निर्माण पूरा नहीं होने और सड़क उखाड़कर छोड़ देने से मार्ग की स्थिति बेहद खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार ने बरसात शुरू होने से पहले ही कई स्थानों पर सड़क उखाड़ दी, लेकिन समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया। परिणामस्वरूप सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है और बारिश के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
जानकारी के अनुसार, सड़क पर कई स्थानों पर पुलियों का निर्माण कराया गया है। डायवर्सन बनाने के लिए पुरानी सड़क का उखाड़ा गया मलबा उपयोग किया गया था। पुलियों का निर्माण पूरा होने के बावजूद अब तक सड़क की लेवलिंग और जीएसबी का कार्य नहीं कराया गया है। इससे मार्ग पूरी तरह उबड़-खाबड़ हो गया है और आवागमन जोखिम भरा बन गया है।
बतौली से भितघरा स्टेट हाईवे के निर्माण कार्य के दौरान सबसे अधिक परेशानी बतौली से बगीचा की ओर मैनी मोड़ से बिमड़ा तक देखने को मिल रही है। इस हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को धीमी गति से निकलना पड़ रहा है, जिससे यात्रा का समय भी बढ़ गया है।18 किलोमीटर की दूरी तय करने में 1 घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत, लेवलिंग और आवश्यक निर्माण कार्य पूरा कर मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाने की मांग की है।
विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी निगरानी नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।


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