जशपुर/बगीचा, टीम पत्रवार्ता, 9 जुलाई 2026
नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को विकासखंड मुख्यालय बगीचा में ब्लॉक स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण कर आत्मीय स्वागत किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, पालकों एवं विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री जागेश्वर राम, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, भाजपा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात सिदाम, नगर पंचायत उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष गायत्री नागेश एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता रहे।
अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों को पाठ्यपुस्तकें भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने और अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, व्यक्तित्व निर्माण और विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने पालकों से बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा विद्यालय से निरंतर जुड़े रहने की अपील की।
कार्यक्रम में सेजस बगीचा, पीएम श्री कन्या आश्रम बगीचा, स्वामी रामकृष्ण आश्रम बगीचा, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगीचा, कन्या माध्यमिक शाला बगीचा एवं बालक माध्यमिक शाला बगीचा के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा और नवप्रवेशी विद्यार्थियों के चेहरों पर नए शैक्षणिक सत्र की खुशी स्पष्ट दिखाई दी।
इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल, बीआरसीसी कृष्ण कुमार राठौर, मंडल संयोजक संतोष गुप्ता, अकाउंटेंट शैलेश अंबस्ट, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर तिलक श्रीवास, ममता शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति अपनत्व की भावना विकसित करना, शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना तथा नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शत-प्रतिशत विद्यालय उपस्थिति का संदेश भी दिया गया।



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