रायपुर, टीम पत्रवार्ता, 30 जून 2026
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब घरों में जरूरत से अधिक उत्पादित सौर ऊर्जा को ग्रिड में भेजने पर सरकार निर्धारित दर पर उसकी खरीद करेगी। इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय का लाभ मिलेगा और उसकी राशि आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित बायबैक दर को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के पास भेजा गया है। आयोग की स्वीकृति मिलते ही उपभोक्ताओं को अधिशेष बिजली का लाभ सीधे बिजली बिलों में दिखाई देगा।
नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत सोलर संयंत्र से बनने वाली बिजली का पहले उपभोक्ता की घरेलू खपत में समायोजन किया जाता है। इसके बाद बची हुई बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिसका वर्ष के अंत में निर्धारित दर पर बायबैक किया जाता है। इस राशि को उपभोक्ता के खाते में जमा कर अगले बिजली बिलों में समायोजित किया जाएगा।
पावर कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिटों का लेखा-जोखा शून्य से शुरू होता है। इसलिए पिछले वर्ष की अतिरिक्त यूनिट नए बिल में दिखाई नहीं देतीं, लेकिन उनकी राशि सुरक्षित रहती है और आगामी बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित कर दी जाती है।
राज्य सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपनाई गई यह पारदर्शी व्यवस्था हजारों सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से लाभान्वित करेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।


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