जशपुर,टीम पत्रवार्ता,24 मई 2026
डीलिस्टिंग मुद्दे को लेकर चल रहे विवाद के बीच राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत (छत्तीसगढ़) ने बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए जशपुर जिला अध्यक्ष राजेश भगत को पद से निष्कासित कर दिया है। यह निर्णय प्रदेश अध्यक्ष मिटकु भगत एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शंकर दयाल भगत की सर्वसम्मति से लिया गया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज जशपुर में डीलिस्टिंग के विरोध में विशाल रैली एवं आमसभा का आयोजन प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में ईसाई आदिवासी महासभा सहित विभिन्न संगठनों की बड़ी सहभागिता तय मानी जा रही थी। कार्यक्रम का आयोजन राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के बैनर तले होना बताया जा रहा था,लेकिन आयोजन से ठीक पहले संगठन के भीतर बड़ा विवाद सामने आ गया है।
जारी पत्र में कहा गया है कि राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत ट्रस्ट अधिनियम के अंतर्गत निबंधित संस्था है। संस्था का आरोप है कि जशपुर जिला अध्यक्ष राजेश भगत द्वारा संगठन के बैनर का अनाधिकृत उपयोग करते हुए दूसरे धर्म समाज को समर्थन दिया गया तथा डीलिस्टिंग विरोधी कार्यक्रम में संस्था को आयोजक बताकर संगठन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत डीलिस्टिंग के विरोध में किसी भी प्रकार का समर्थन नहीं करता तथा संगठन का इस आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। संस्था ने कहा कि पूरे सरना धर्म एवं उरांव आदिवासी समाज की ओर से इस कृत्य की घोर निंदा की जाती है।
संगठन की ओर से जारी निर्णय में कहा गया कि राजेश भगत को तत्काल प्रभाव से जशपुर जिला अध्यक्ष पद से निष्कासित किया जाता है। इस संबंध में राष्ट्रीय महासचिव विद्यासागर केरकेट्टा को भी सूचनार्थ पत्र प्रेषित किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में डीलिस्टिंग आंदोलन और सरना समाज संगठनों के बीच नई राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा शुरू हो गई है।अब देखना होगा कि आज के आंदोलन को लेकर प्रशासनिक रुख क्या होगा।


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