... ब्रेकिंग जशपुर : दर्जनों पहाड़ी कोरवा बच्चे फूड पॉइज़निंग का शिकार,पीड़ितों ने कहा रेडी टू ईट खाकर हुए बीमार,प्रशासन ने किया खारिज,पूरी रात जूझते रहे चिकित्सक,पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता पर उठने लगे सवालिया निशान..? प्रशासनिक ततपरता से बची बच्चों की जान।

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ब्रेकिंग जशपुर : दर्जनों पहाड़ी कोरवा बच्चे फूड पॉइज़निंग का शिकार,पीड़ितों ने कहा रेडी टू ईट खाकर हुए बीमार,प्रशासन ने किया खारिज,पूरी रात जूझते रहे चिकित्सक,पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता पर उठने लगे सवालिया निशान..? प्रशासनिक ततपरता से बची बच्चों की जान।


जशपुर,टीम पत्रवार्ता,08 जून 2022

BY योगेश थवाईत

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ढोढरआम्बा आश्रित ग्राम नवापारा में बीती रात फूड प्वायजनिंग के कारण दर्जन भर पहाड़ी कोरवा बच्चों की तबियत बिगड़ गई और बच्चे उल्टी दस्त के साथ गंभीर हो गए।देखते ही देखते मामला गंभीर हो गया और आनन फानन में सभी बच्चों को बेहोशी की हालत में बगीचा अस्पताल लाया गया जहां सभी बच्चों का इलाज किया गया।अब सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है।वहीं प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है।

बगीचा विकासखण्ड के ढोढ़रअंबा के आश्रित ग्राम नवापारा में दोपहर से ही लगभग 17 बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी।सभी बच्चे उलटी दस्त करने लगे और सभी बच्चे बेहोशी की हालत में आ गए।घटना की जानकारी जनप्रतिनिधियो ने जशपुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल को दी जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम तहसीलदार सीईओ और बीएमओ के साथ मेडिकल अमला मौके पर पहुँचा जहाँ बच्चों की हालत को देखते हुए देर रात सभी बच्चों को एम्बुलेंस में बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

पीड़ित बच्चों के परिजनों ने साफ शब्दों में कहा कि उनके बच्चों ने रेडी टू ईट का सेवन किया था जिसके बाद से एक एक कर सबकी तबियत बिगड़ने लगी।बच्चे पहाड़ी कोरवा जनजाति से हैं वहीं दर्जनों बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।


देर रात स्थानीय प्रशासन ने मोर्चा सम्हालते हुए सभी बच्चों को बगीचा अस्पताल में भर्ती कराया जिंसके बाद बीएमओ सीआर भगत,शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ दुबे समेत अन्य चिकित्सक बच्चों के ईलाज में जुट गए।तहसीलदार अविनाश चौहान व जनपद सीईओ विनोद सिंह इस दौरान पूरे स्थिति की मॉनिटरिंग करते रहे। फिलहाल बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

बगीचा अस्पताल में सभी बच्चों का इलाज तत्काल  शुरू किया गया जहाँ इलाज के बाद अब सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है।फूड प्वायजनिंग का कारण अब तक स्पष्ट नहीं है।

पीड़ित बच्चों के परिजनों का कहना है की बच्चों ने रेडी टू ईट खाया और उसी के बाद उनकी तबियत बिगड़ी है।वहीँ जनपद सीईओ विनोद सिंह ने बताया कि गांव में शादी समारोह चंल रहा था उसी समारोह में दी गई दूषित मिठाई से बच्चों की तबियत बिगड़ी है।बहरहाल अभी जाँच के बाद ही फूड प्वायजनिंग के असल कारणो का जाँच के बाद ही पता चल पायेगा।

फिलहाल आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले रेडी टू ईट की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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