जशपुर, टीम पत्रवार्ता,28 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा शिव मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने को लेकर क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं और सनातन समाज के लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मंदिर खुलवाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर 5 फरवरी 2026 से विशाल जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
कलेक्टर व एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर, जिसे पूज्य गहिरा गुरु के द्वारा कठोर साधना कर स्थापित किया गया था।सनातन परंपरा से जुड़े संतों और भक्तों का जहां अथक परिश्रम,अंश एवं सहयोग लगा है जो कोरोना काल से बंद है। आरोप है कि मंदिर संस्था के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह के द्वारा अब तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।
आश्वासन देकर टालते रहे
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि 6 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में अध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया था। उस समय संत समाज के एक पदाधिकारी द्वारा 45 दिन के भीतर मंदिर खोलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय गुजरने के बाद भी मंदिर नहीं खोला गया।
इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सभा में मौजूद प्रतिनिधियों के अनुसार, वहां 14 जनवरी मकर संक्रांति तक मंदिर खुलवाने की लिखित घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि इस आश्वासन के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मारपीट का आरोप
ज्ञापन में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि मंदिर खुलवाने की मांग को लेकर कैलाश गुफा गए श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। 21 सितंबर 2025 को 81 वर्षीय एक बुजुर्ग श्रद्धालु सियाराम यादव के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना हुई, जिससे समाज में भय और आक्रोश का माहौल है। इस मामले में अध्यक्ष पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
समिति गठन की मांग
श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में मंदिर प्रबंधन के लिए सार्वजनिक ट्रस्ट संगठित समिति का गठन नहीं है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से नए ट्रस्ट के गठन की मांग भी की है ताकि मंदिर का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके।
प्रशासन को अल्टीमेटम
ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर के कपाट खुलवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अन्यथा 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में अनिश्चित कालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की बताई गई है।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, क्षेत्रीय सांसदों, स्थानीय विधायक, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील धार्मिक मामले में क्या कदम उठाता है, क्योंकि श्रद्धालुओं की भावनाएं इससे गहराई से जुड़ी हुई हैं।पहले भी श्रद्धालुओं के द्वारा सीधे मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की जा चुकी है जिसमें अब तक प्रशासन के द्वारा कोई पहल नहीं की गई है।





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