जशपुर,01 फरवरी 2026
जिले के प्रसिद्ध शिवधाम कैलाश नाथेश्वर गुफा में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं और सनातन संत समाज के वरिष्ठ जनों ने प्रशासन के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने बगीचा अनुविभागीय दण्डाधिकारी प्रदीप राठिया से मुलाकात कर विस्तृत मांगपत्र सौंपा है और शीघ्र समाधान की मांग की है।
पूज्य गहिरा गुरु के साथ पूरी जिंदगी बिताने वाले संत समाज के वरिष्ठजन और ग्रामीणों का कहना है कि कैलाश गुफा क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्तमान में यहां तानाशाही रवैये के कारण कई व्यवस्थागत समस्याएं बनी हुई हैं, जिनसे श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।आज मुक्ति के दाता स्वयं तालों में कैद हैं।कोरोना काल के बाद से आज तक संस्था के द्वारा मंदिर का ताला आमजन के लिए नहीं खोला गया है जो आस्था पर चोट है।
SDM प्रदीप राठिया ने बताया कि ग्रामीणों ने संत समाज के साथ अपना पक्ष रखा है जिसमें ग्राम पंचायतों के सरपंच भी शामिल रहे। मांगों में कैलाश गुफा मंदिर का ताला खुलवाने तथा महाशिवरात्रि मेले का आयोजन पूर्व निर्धारित पुराने स्थल पर ग्राम पंचायत के माध्यम से कराए जाने सहित अन्य विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर विधि अनुसार कार्यवाही की जा रही है।
प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं
कैलाश नाथेश्वर गुफा मंदिर का ताला खोला जाए ताकि श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन–पूजन कर सकें।
गायबुड़ा चौक से मुढ़ी मार्ग तक बंद किए गए पैदल रास्ते को पुनः खोला जाए, जिससे पारंपरिक आवागमन बहाल हो सके।
महाशिवरात्रि मेले का आयोजन बुढ़ामहादेव के पास उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित पुराने मेला डांड़ में किया जाए।
गुफा प्रांगण में गांजा, शराब जैसे मादक पदार्थों की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
कैलाश नाथेश्वर गुफा के लिए सार्वजनिक धर्मस्व ट्रस्ट का गठन किया जाए, जिसमें सभी वर्गों के लोगों को शामिल किया जाए। परम पूज्य गहिरा गुरु जी के समय से कार्यरत पदाधिकारियों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक धर्मस्व ट्रस्ट के माध्यम से पारदर्शी ढंग से सार्वजनिक किया जाए।
मेले के दौरान ग्राम पंचायत को मेला संचालन और राजस्व वसूली का अधिकार दिया जाए, ताकि पंचायत आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
कैलाश गुफा से लगे रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र (सारूढाब, गायबूड़ा, सोनगेरसा) की भूमि का सीमांकन कर उसे सुरक्षित किया जाए।
अलकनंदा के उद्गम स्थल को संत समाज श्रमदान व समयदान से घेराबंदी कर सुरक्षित करना चाहता है, इसके लिए ग्राम पंचायत को आवश्यक निर्देश और स्वीकृति देने की मांग की गई है।
आंदोलन की चेतावनी
संत समाज और ग्रामीणों ने प्रशासन को 2 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस तिथि तक कैलाश नाथेश्वर गुफा मंदिर का ताला नहीं खोला गया, तो 5 फरवरी से वृहद जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन आस्था से जुड़े इस विषय पर अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी मांगों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।एसडीएम ने संस्था को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।उन्होंने आश्वासन दिया है कि उनका प्रयास है कि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो शांति से मामले का निराकरण विधिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।



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