... (मामला अरपा बचाओ)-मंत्री के द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम।

(मामला अरपा बचाओ)-मंत्री के द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम।

बिलासपुर - काँग्रेस के अरपा बचाओ पदयात्रा पर अब डैमेज कन्ट्रोल शुरू हो गया है। मंत्री के इशारे पर पहले महापौर, सभापति, एल्डरमैन, पार्षद और अब उनके नौकरशाह निगम आयुक्त खुद डैमेज कन्ट्रोल करने में लगे हैं। निगम आयुक्त ने आनन - फानन में अरपा विकास का मास्टर प्लान 2033 जारी किया है। इसमें 8 करोड़ 20 लाख रुपये की स्वीकृति दी गयी है। हालांकि काँग्रेस इसे भ्रामक जानकारी बता रही है। काँग्रेस प्रवक्ता शैलेष पांडेय का आरोप है कि मंत्री के इशारे पर वर्षों पुरानी परियोजना को आयुक्त के जरिये कहलवा कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। 


उन्होंने बताया कि ये प्लान 5 साल पहले 2013 में ही बनाकर ली एसोसिएट्स साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा प्रकाशित किया जा चुका है। जिसमें ब्रिज, वाटर वेयर, रिटेनिंग वॉल घाट में बोटिंग, भैसाझार से पानी लाने की व्यवस्था, सिटी म्यूजियम, कमर्शियल दुकानें, सड़कें, गार्डन, पार्क व भवन बनाने जैसी सारी बातों का ज़िक्र है।


जिसका मंत्री पिछले चुनाव में गुणगान भी कर चुके हैं। लेकिन अब यही आयुक्त के माध्यम से पुरानी बातों को नया बताकर लोगों को फिर से भ्रमित करना चाहते हैं। पांडेय ने आरोप लगाया है कि जिस प्राधिकरण के गजट नोटिफिकेशन को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने विधि शून्य घोषित किया है। निगम आयुक्त उस प्राधिकरण पर प्रशासकीय स्वीकृति व पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने की बात कर रहे हैं। इतना ही नही राज्य शासन ने अपने इस वर्ष के बजट में तथा निगम के बजट में अरपा विकास प्राधिकरण के लिए कोई राशि आबंटित नही की है। बावजूद 8 करोड़ 20 लाख देने की घोषणा, ऐसा अंधेर भाजपा शासन काल में ही हो सकता है। पांडेय ने आयुक्त को आगाह करते हुए कहा कि यही सभापति और महापौर काम निकल जाने के बाद थाने में एफआईआर दर्ज कराते है। पूर्व में आयुक्त हनीफी के खिलाफ पूर्व महापौर सोनी ने थाने में अपराध दर्ज कराया था। 

काँग्रेस प्रवक्ता शैलेष पांडेय ने बताया कि जिला काँग्रेस कमेटी अरपा को बचाने के लिए दृढ़ संकल्पित है, उनका ये अभियान जारी रहेगा। इसके दूसरे चरण की शुरुवात अरपा के उद्गम स्थल पेंड्रा के अमरपुर से की जाएगी। जिसमें दिग्गज कांग्रेसी शामिल रहेंगे। 

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