जशपुर, टीम पत्रवार्ता,05 जनवरी 2026
नगर पंचायत बगीचा के वार्ड क्रमांक 10 अंतर्गत रौनी मार्ग में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान नियमों की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है। सड़क उखाड़े जाने के बाद नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से पूरा क्षेत्र धूल के गुबार में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
उड़ती धूल के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि घरों के भीतर तक धूल की मोटी परत जम रही है, बावजूद इसके ठेकेदार द्वारा पर्यावरणीय नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है।ठेकेदार द्वारा अधिकारियों से मिलीभगत कर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
इस गंभीर समस्या को लेकर वार्डवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) बगीचा को कड़ा ज्ञापन सौंपते हुए ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह लापरवाही पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986, NGT के दिशा-निर्देशों तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (स्वस्थ जीवन का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।
वार्डवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ठेकेदार द्वारा दिन में 3–4 बार अनिवार्य पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और धूल नियंत्रण के ठोस उपाय नहीं किए गए, तो वार्डवासी मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की होगी।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते समय रामपति यादव, लालू प्रसाद यादव, हरीश यादव, सुमन किशोर पहाड़िया, दीपक यादव, मुनेश्वर यादव, योगेश यादव, प्रियेश, कोमल ग्वाला, रविशंकर, अनमोल सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे और ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मामले में कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है या फिर आंदोलन की स्थिति बनती है।





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