... करोड़ों के टेंडर में कहाँ हुई सेटिंग किसे मिला कितना..?

करोड़ों के टेंडर में कहाँ हुई सेटिंग किसे मिला कितना..?

डेढ़ करोड़ से अधिक का टेंडर विवादों में,ठेकेदारों को नहीं दिया गया  निविदा  प्रपत्र 
करोड़ों के टेंडर में बरती जा रही अनियमितता
नगर पंचायत कोतबा का मामला,सवालों के घेरे में सीएमओ,इंजीनियर



जशपुर(पत्रवार्ता) नगर पंचायत कोतबा द्वारा अधोसंरचना मद के तहत करोड़ों के निर्माण कार्यों के लिए जारी निविदा विवादों में घिर गयी है लगभग 50 से भी अधिक ठेकेदारों ने निविदा प्रपत्र के लिए आवेदन किया है जिसमें आवेदन अनुरूप निविदा प्रपत्र प्रदाय नहीं किये जाने से ठेकेदार परेशान हैं.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चहेतों को पात्र कर उन्हें निविदा फ़ार्म दिया जा रहा है.जिससे पूरी निविदा प्रक्रिया सवालों के घेरे में हैं .

गौरतलब है की नगर पंचायत कोतबा में विभिन्न विकास कार्यों के लिए सीसी रोड व नाली निर्माण के साथ सीसी रोड मरम्मत का कार्य स्वीकृत हुआ है जिसके लिए 20 फ़रवरी को निविदा आमंत्रित की गयी थी जिसमे 50 से भी अधिक ठेकेदारों ने प्रति कार्य 100 का आवेदन शुल्क देकर आवेदन किया है ..आज 09 मार्च को निविदा प्रपत्र प्रदाय किये जाने की अंतिम तिथि है बावजूद इसके ठेकेदारों को आवेदन अनुसार अपात्र बताकर  निविदा प्रपत्र नहीं दिया गया जिससे ठेकेदार परेशान हैं .
53 आवेदनों में 32 ठेकेदारों को नाली निर्माण के लिए वहीँ 3 ठेकेदारों को सीसी रोड निर्माण के लिए पात्र किया गया ....बाकी को अपात्र करते हुए निविदा प्रपत्र देने से इनकार कर दिया गया .... 

नगर पंचायत ने जारी नहीं की नियमावली 
किसी भी निविदा के लिए निविदा विज्ञापन के साथ नियमावली सार्वजनिक किये जाने के साथ  युएडी की वेब साईट में अपलोड किये जाने का नियम है बावजूद इसके नगर पंचायत द्वारा कोई नियमावली आवेदन तिथि में प्रदर्शित नहीं की गयी ...न ही यू एडी की वेब साईट में अपलोड की गयी ...आवेदन नहीं दिए जाने के सम्बन्ध में नगर पंचायत के कर्मचारियों द्वारा बताया गया की जिन आवेदनों को इंजिनियर द्वारा पात्र किया गया है उन्हें ही आवेदन दिया जाएगा ...सीसी रोड निर्माण के लिए बेचिंग प्लांट की अनिवार्यता बताई जा रही है जबकि पूर्व में यह नियम किसी ठेकेदार को नहीं बताया गया है जिससे आपसी सांठ गाँठ कर टेंडर में गड़बड़ी किये जाने की आशंका ठेकेदार व्यक्त कर रहे हैं  

क्या है नियम 
नगर पंचायत क्षेत्र में 5 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों के लिए नगरीय प्रशासन विकास विभाग रायपुर द्वारा ई टेंडर जारी किये जाने का नियम है बावजूद इसके नगर पंचायत कोतबा द्वारा उक्त नियम को दरकिनार कर मैनुअल निविदा आमंत्रित की गयी है...वहीँ आवेदन शुल्क का नियम न होने के बाद भी 100 रु प्रति आवेदन के हिसाब से लाखों का शुल्क आवेदकों से वसूला गया है वहीँ अब निविदा प्रपत्र प्रदाय नहीं करने से ठेकेदार खासे परेशान हैं ठेकेदारों ने बताया की सीसी रोड निर्माण के लिए बेचिंग प्लांट की अनिवार्यता सम्बन्धी नियम के बारे में पूर्व में जानकारी नहीं दी गयी वहीँ सीसी रोड मरम्मत के लिए भी उक्त प्लांट की अनिवार्यता बताई जा रही है जो समझ से परे हैं 

"जानकारों का कहना है की बेचिंग प्लांट की आवश्यकता बड़े कार्यों के लिए होती है नगरीय क्षेत्रो में अजाक्स मशीन द्वारा कार्य कराया जा सकता है वहीँ निविदा प्रक्रिया के लिए इसकी अनिवार्यता नहीं है निविदाकारों से अजाक्स द्वारा कार्य कराये जाने का शपथ पत्र लिया जा सकता है जिससे निविदा में सबी ठेकेदार भाग ले सकते हैं यदि प्लांट की अनिवार्यता बताकर निविदा फॉर्म देने से वंचित किया जा रहा है तो यह गलत है"कुछ ठेकेदार द्वारा बेचिंग प्लांट व अजाक्स के दस्तावेज भी प्रस्तुत किये गए बावजूद इसके उन्हें निविदा प्रपत्र नहीं दिया गया ..

क्या कहते हैं ठेकेदार 
ठेकेदारों ने बताया की नगर पंचायत कोतबा द्वारा टेंडर प्रक्रिया को लेकर बरती जा रही अनियमितता की शिकायत कलेक्टर समेत आला अधिकारीयों से करेंगे ..वहीँ पारदर्शिता के साथ नियमों के तहत उक्त टेंडर पुनः जारी किया जाना चाहिए .ठेकेदारों ने यह भी बताया की जारी टेंडर पुर्णतः विवादास्पद है जिसमे कई कार्य एक स्थान से शुरू होकर दुसरे स्थान पर ख़त्म हो रहे हैं वहीँ दुसरे स्थान से शुरू होकर पहले स्थान पर ख़त्म हो रहे है ऐसे में सीसी रोड निर्माण स्थल भी विवादों में है ...


"जब मामले को लेकर नगर पंचायत सीएमओ रमेश द्विवेदी से  बात की गयी तो भड़के हुए स्वर में उन्होंने जवाब दिया आपको नियमावली नहीं दिखी होगी चलिए रखिये फोन .....साहब की बौखलाहट ही साफ़ बता रही थी की निविदा प्रक्रिया को लेकर उनके पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कुछ तो ऐसा है जो साहब को परेशान किये हुए है"

 फिलहाल ठेकेदारों ने सीएमओ,इंजीनियर समेत परिषद् की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए निविदा निरस्त किये जाने व् दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है....ठेकेदारों ने करोड़ों के टेंडर पर अनियमितता को लेकर मुख्यमंत्री समेत सचिव नगरीय प्रशासन विकास विभाग रायपुर से शिकायत की है

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