जशपुर, टीम पत्रवार्ता,19 जनवरी 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में अभूतपूर्व स्तर पर सड़क विकास कार्य चल रहे हैं। प्रदेश में विकास की गति नई ऊँचाइयों को छू रही है और जशपुर जिला भी इस परिवर्तन का साक्षी बन रहा है, जहाँ अब हर दिशा में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके तहत जशपुर जिले में 914 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 603 से अधिक सड़कों की स्वीकृति मिली है। इसमें लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में 103 सड़कों के निर्माण हेतु 567 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे दूरस्थ अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने तथा ग्रामीण जीवन स्तर में ठोस सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत भी जिले में व्यापक कार्य हो रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत 93 सड़कों के निर्माण के लिए 239 करोड़ 26 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है, जिन मार्गों का कायाकल्प किए जाने से ग्रामीण इलाकों को कीचड़ और बदहाल रास्तों से स्थायी राहत मिलेगी। यह वही ऐतिहासिक योजना है जिसे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्रामीण भारत को मुख्य मार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ किया था। साय सरकार के दो वर्षों में जशपुर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सार्थक सुधार दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत 378 सीसी सड़क निर्माण कार्यों के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है, जिससे मोहल्लों, गलियों और आंतरिक बस्तियों में आवागमन और अधिक सुगम होगा।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों एवं वनांचल क्षेत्रों में 76 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से 29 नई सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। आगामी वित्तीय वर्ष में भी कई नई परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं, जिनमें सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क सुविधा पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्य सड़क निर्माण कार्य
जिले को मिली स्वीकृति के मुख्य कार्यों में लूडेग तपकरा मार्ग चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य लंबाई 41 किलोमीटर, बागबहार कोतबा मार्ग लंबाई 13.20 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य, जशपुर आस्ता कुसमी मार्ग का उन्नयन एवं मजबूतीकरण कार्य, बतौली बगीचा चराईडाँड मार्ग का 16.80 किलोमीटर का निर्माण कार्य एवं वर्टीकल प्रोफ़ाइल करेक्शन तथा पुल पुलिया का चौड़ीकरण कार्य, कांसाबेल - बगीचा मार्ग लंबाई 39.00 किलोमीटर में मजबूतीकरण पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य, ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट लंबाई 13.60 किलो मीटर का निर्माण कार्य, बिछीकानी ढूढरुपारा से जमरगी तक मार्ग लंबाई 9.40 किलो मीटर में सड़क निर्माण कार्य, बालाछापर - आरा सकरडेगा लंबाई 14.40 किलो मीटर का सुदृढ़ीकरण कार्य, पोटकोसेमेर साजापानी केदापानी से कर्राडाँड दुलदुला पहुँच मार्ग, लोरोदोफा से गढ़ारामबंध होते हुए जामपानी तक, ठूठीअंबा से कादोपानी झारखंड पहुँच मार्ग तक, अबिरा से पंडरीअंबा मार्ग, नन्हेंसर से लालदरा, पहारटोली से धुईपानी, धनपाठ से कामारीमा वडापा बरुवा पहाड़, बनगाँव से डीपाटोली, लोरोदोफा से गढ़ारामबंध होते हुए जामपानी तक एवं छेड़डाँड से टुकुरोली पहुँच मार्ग सहित अन्य कार्य शामिल है।
सड़क निर्माण से बदलती ग्रामीण तस्वीर
शासन का उद्देश्य है कि जिले की हर बस्ती को बारहमासी सड़क सुविधा मिले, ताकि कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के विभिन्न क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। नई सड़कों के निर्माण से स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच सुगम होगी। कृषि उत्पादों और वनोपज को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाला समय और परिवहन खर्च कम होगा, जिससे किसानों और संग्राहकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। बेहतर सड़कों के कारण एम्बुलेंस, स्वास्थ्य दल और टीकाकरण टीमों को गांवों तक समय पर पहुंचना आसान होगा, जिससे गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
निर्माण के दौरान स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलेगा और सड़क निर्माण के बाद परिवहन साधनों, ग्रामीण व्यापार, दुकानों और सेवा आधारित गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण आर्थिक सक्रियता में नई ऊर्जा आएगी। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुंच आसान होने से आय के नए अवसर भी विकसित होंगे तथा प्रशासनिक निगरानी और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी उल्लेखनीय तेजी आएगी।





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