जशपुर, टीम पत्रवार्ता, 16 जुलाई 2026
जशपुर पुलिस ने वर्ष 2022 में हुई ₹3.25 लाख की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार वर्षों से फरार आरोपी को झारखंड के धनबाद जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बैंक अधिकारी बनकर पैन कार्ड अपडेट और नेट बैंकिंग चालू कराने का झांसा देकर पीड़ित से ऑनलाइन ठगी की थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीलकंठ दास (24 वर्ष) निवासी गोपालगंज, थाना निरसा, जिला धनबाद (झारखंड) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना सिटी कोतवाली जशपुर में अपराध क्रमांक 429/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420 तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस के अनुसार पीड़ित रामलोचन गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 9 और 10 अक्टूबर 2022 को अज्ञात व्यक्ति ने बैंक अधिकारी बनकर फोन किया और पैन कार्ड अपडेट कराने के बहाने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से कुल ₹3.25 लाख निकाल लिए।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। इससे पता चला कि ठगी की रकम विभिन्न खातों में भेजी गई थी, जिनमें एक फिनो पेमेंट बैंक का खाता भी शामिल था। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर झारखंड में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके खाते में ठगी की रकम में से ₹25 हजार आए थे, जिन्हें उसने एटीएम से चार बार में निकालकर खर्च कर दिया। उसने यह भी स्वीकार किया कि घटना के बाद ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम को नष्ट कर दिया था।
आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने ठगी में प्रयुक्त एटीएम कार्ड, बैंक खाते से लिंक सिम कार्ड और पैन कार्ड जब्त कर लिया है। मामले में शामिल अन्य बैंक खातों और आरोपियों की पहचान कर ली गई है तथा उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बैंक अधिकारी बनकर आने वाले किसी भी कॉल पर अपनी ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं और निकटतम पुलिस थाने को सूचना दें।


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