अंबिकापुर, टीम पत्रवार्ता,03 अप्रैल 2026
सरगुजा संभाग में नशे के कारोबार के खिलाफ आबकारी उड़नदस्ता टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 76 नग नशीले इंजेक्शन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 02 अप्रैल को गश्त के दौरान अजिरमा बुधवारी बाजार स्थित पानी टंकी के पास एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया। युवक भागने लगा, जिसे टीम ने दौड़ाकर पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम पूरनम विश्वकर्मा, निवासी कटकोना पटना जिला सूरजपुर बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से 22 नग रेक्सोजेसिक (REXOGESIC) एवं 22 नग एविल (AVIL) इंजेक्शन बरामद किए गए।
वहीं 03 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि आराधना नामक युवती जेल तालाब दर्रीपारा क्षेत्र में खुलेआम नशीले इंजेक्शन बेच रही है। सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर आरोपी युवती को पकड़ लिया। उसके कब्जे से 20 नग रेक्सोजेसिक और 12 नग एविल इंजेक्शन जब्त किए गए।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (सी) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय अंबिकापुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि आराधना की लंबे समय से तलाश की जा रही थी। वह लगातार जेल तालाब क्षेत्र में नशीले इंजेक्शन की बिक्री कर रही थी, लेकिन सटीक सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि जेल तालाब क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है, जिससे आसपास का माहौल खराब हो गया है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नशेड़ियों द्वारा कई बार जेल में कार्यरत प्रहरियों तक को लूट लिया गया है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरगुजा को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक टी.आर. केहरी, मुख्य आरक्षक कुमारूराम, अशोक सोनी, नगर सैनिक रणविजय सिंह तथा महिला सैनिक चंद्रावती, राजकुमारी सिंह एवं नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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