रायगढ़,टीम पत्रवार्ता,24 मार्च 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान जारी है। बीते 72 घंटों के भीतर जिला प्रशासन ने तमनार से लेकर लैलूंगा क्षेत्र तक अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ करते हुए कई आरोपियों को हिरासत में लिया है।कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान से अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
ड्रोन सर्वे से मिली बड़ी सफलता
प्रशासन द्वारा जिले के सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे कराया गया। खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ क्षेत्रों के दर्जनों गांवों में सघन निगरानी की गई। ड्रोन तकनीक के जरिए दुर्गम इलाकों में भी अवैध खेती की पहचान कर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।
तमनार में 2 करोड़ की अफीम जब्त
19 मार्च को तमनार के आमाघाट में छापेमारी के दौरान सब्जी की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने यहां से 60,326 पौधे बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। मुख्य आरोपी मार्शल सांगा (झारखंड निवासी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूरी फसल नष्ट कर दी गई है।
लैलूंगा में भी कार्रवाई
23 मार्च को लैलूंगा तहसील के नवीन घटगांव में सादराम नाग द्वारा खेत में छिपाकर अफीम की खेती करने का मामला सामने आया। पुलिस ने फसल जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया। वहीं, अभिमन्यु नागवंशी के घर से सूखी अफीम भी बरामद की गई, जिसे नष्ट करने की कोशिश की जा रही थी।
इसके अलावा मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में भी संदिग्ध खेती की जानकारी मिली है। उसके घर से अवशेष बरामद कर जांच के लिए भेजे गए हैं।
सख्त कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि आगे नारकोटिक्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


0 Comments