... Impact पत्रवार्ता : 12 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में दोषी "सिविल सर्जन एफ खाखा" निलंबित,राज्य शासन की बड़ी कार्यवाही,अब FIR समेत शासकीय पैसों के रिकवरी की तैयारी,अन्य दोषी अधिकारी,कर्मचारियों पर कार्यवाही कब.? बड़ा सवाल.....?

आपके पास हो कोई खबर तो भेजें 9424187187 पर

Impact पत्रवार्ता : 12 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में दोषी "सिविल सर्जन एफ खाखा" निलंबित,राज्य शासन की बड़ी कार्यवाही,अब FIR समेत शासकीय पैसों के रिकवरी की तैयारी,अन्य दोषी अधिकारी,कर्मचारियों पर कार्यवाही कब.? बड़ा सवाल.....?

 


जशपुर,टीम पत्रवार्ता,27 जुलाई 2021

BY योगेश थवाईत

भ्रष्टाचार के खिलाफ पत्रवार्ता की मुहिम अब रंग लाने लगी है।जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगातार अपनी कलम को धारदार बनाते हुए पत्रवार्ता ने लोगों का विश्वास जीत लिया है।जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच टीम के द्वारा किये गए जांच में 12 करोड़ की सामग्री खरीदी की अनियमितता सामने आने के बाद यहां पदस्थ सिविल सर्जन एफ खाखा को निलंबित कर दिया गया है।

आपको बता दें कि विगत दो वर्षों में हुए अनियमितता के मामले में आरएमओ अनुरंजन टोप्पो,स्टोर कीपर डॉ उषा समेत अन्य कर्मचारी भी दोषी पाए गए हैं जिनपर अब तक कार्यवाही लंबित है।पत्रवार्ता की पड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक इन भ्रष्ट अधिकारियों से शासकीय पैसों की वसूली नहीं हो जाती।जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आए शासकीय पैसों का इन्होंने जमकर बंदरबाट किया है।



डॉ श्रीमती एफ खाखा , के निलंबन पत्र में बताया गया है कि सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक , जिला चिकित्सालय , जशपुर द्वारा विगत दो वर्षों में कय नियमों का पालन किये बिना विभिन्न सामग्रियों की खरीदी कर वित्तीय अनियमितता किया जाना पाया गया है ।

डॉ . श्रीमती खाखा का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा ( आचरण ) नियम , 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। अतएव राज्य शासन , एतदद्वारा , डॉ . श्रीमती एफ . खाखा , सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक , जिला चिकित्सालय , जशपुर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा ( वर्गीकरण , नियंत्रण तथा अपील ) नियम , 1966 के नियम 9 ( 1 ) ( क ) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

आदेश में बताया गया है कि निलंबन अवधि में डॉ . श्रीमती एफ . खाखा का मुख्यालय कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी , सरगुजा ( अंबिकापुर ) होगा तथा उन्हें मूलभूत नियम -53 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी । छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेश अनुशार यह आदेश जारी किया गया है।

Post a Comment

0 Comments