... खौफनाक वारदात : "नक्सलियों" ने की " "जिला पंचायत सदस्य" की हत्या,सगे भाई के आँखों के सामने "10 मिनट तक तड़पाया,"धारदार हथियार से कनपटी पर वार,लगभग 10 की संख्या में हथियारों से लैस थे नक्सली,कांग्रेसी नेता की हत्या से मचा हडकंप,सुरक्षा व्यवस्था पर उठने लगे सवाल,"नक्सलियों ने दी सरकार को सीधी चुनौती"....?

खौफनाक वारदात : "नक्सलियों" ने की " "जिला पंचायत सदस्य" की हत्या,सगे भाई के आँखों के सामने "10 मिनट तक तड़पाया,"धारदार हथियार से कनपटी पर वार,लगभग 10 की संख्या में हथियारों से लैस थे नक्सली,कांग्रेसी नेता की हत्या से मचा हडकंप,सुरक्षा व्यवस्था पर उठने लगे सवाल,"नक्सलियों ने दी सरकार को सीधी चुनौती"....?


बीजापुर,टीम पत्रवार्ता,27 मार्च 2021

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सलियों के हमले में 5 जवानों की शहादत के आंसू थामे नहीं थे कि एक बार फिर से नक्सलियों ने बीजापुर को रक्तरंजित करते हुए जिला पंचायत सदस्य बुधराम कश्यप की सरेआम हत्या कर दी है।मृतक बुधराम कांग्रेस समर्थित नेता हैं जो नेलेसनार जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक पांच के सदस्य थे।

"मृतक जिला पंचायत सदस्य बुधराम के छोटे भाई गुलशन बतौर चश्मदीद का कहना है कि रात जब बुधराम भोजन करने की तैयारी में थे।"

तब नक्सली उनके घर आ धमके और उन्हें पकड़कर घर से कुछ दूरी पर ही महुए के पेड़ के नीचे लेकर गए। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो नक्सलियो ने गुलशन को गन पाइंट पर रखकर उसे दूर रहने को कहा।

जिसके बाद मृतक बुधराम पर कार्पोरेट घरानों से ताल्लुक रखने,पुलिस की सुरक्षा में सड़क निर्माण व अन्य अभियान में पुलिस का सहयोग करने का आरोप लगाते हुए घटनास्थल से कुछ दूर खड़े सगे भाई गुलशन की आंखों के सामने ही धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या कर दी।

"गुलशन ने बताया कि बुधराम के सर के पीछे कनपटी पर नक्सलियों ने टांगी से हमला किया और उनका भाई लगभग 5 मिनट तक तड़पता रहा।"

घटना के बाद नक्सली लगभग 10 मिनट तक वहीँ रुके रहे और तब तक नहीं गए जब तक बुधराम की मौत नहीं हो गई 

मिली जानकारी के अनुसार घटना स्थल पर नक्सलियों ने पर्चा भी छोड़ा है। आपको बता दें कि इससे पूर्व नक्सली वर्ष 2009 में इसी परिवार के एक सदस्य लक्ष्मण कश्यप की भी हत्या कर चुके है।

उक्त घटना की जिम्मेदारी नक्सलियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी ने ली है।वहीँ वारदात के बाद बीजापुर में नक्सलियों पर पुलिस के बढ़ते दबाब के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं वहीँ जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस खौफनाक वारदात के बाद ना सिर्फ तालनार इलाके में बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भी दहशत का माहौल है।

बहरहाल पूर्व बीजेपी सरकार के बदलने के बाद यह पहली घटना है जिसमें सत्तादल के नेता को नक्सलियों ने निशाना बनाया है।इस घटना के बाद जहाँ नक्सली प्रदेश की सरकार को सीधे चुनौती दे रहे हैं वहीँ सत्ता दल के नेता अपनी सुरक्षा को लेकर अब चिंतित नजर आ रहे हैं।

"भैरमगढ़ SDOP अविनाश मिश्रा ने बताया की रात्रि 08:45 के आसपास कुछ नक्सली जिला पंचायत सदस्य के यहाँ आए थे जो बातचीत के बहाने उनको बाहर बुला कर ले  गए और उनके भाई के सामने उनकी धारदार हथियार से हत्या कर दी।लगभग 10 की संख्या में नक्सली थे जो हथियारों से लैस थे।"

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