सरकार से नाराज:- वर्षो से काबिज सैकड़ों लोग शासकीय योजनाओं से वंचित..? अजजा आयोग अध्यक्ष नंदकुमार साय के आदेश का भी महत्व नहीं

सरकार के खिलाफ जमकर नाराजगी 


By प्रदीप ठाकुर 

पत्थलगांव(पत्रवार्ता.कॉम)। पत्थलगांव के मदनपुर इंजको आईटीआई कालेज के पीछे वार्ड क्रमांक 14 में स्थित सैकड़ों लोग आज भी भुमिहीन होकर शासन की योजनाओं से वंचित हैं।एक ओर जहाँ शासन की योजनाओं के तहत घर बसाने की कवायद जारी है वहीँ दूसरी ओर इन भूमिहीनों को अपने अस्तित्व की चिंता सता रही है। 

ऐसा नही है कि इनके पास रहने को मकान नही है मकान तो इनके पुर्वजों ने वर्षो पहले यहां के वन भूमि पर काबिज होकर रहने हेतु कच्चा मकान बना लिया था जिसमे सभी आज तक निवासरत है लेकिन उक्त वनभुमि कब घांस जमीन  मे तब्दिल हो गई इसका इन्हे अंदाजा ही नही लग पाया अब इसका खामियाजा ये भुगत रहे हैं। 

पंचायत द्वारा पटटा वितरण मे इनका नाम नही जोड़ा जा रहा है।मिली जानकारी के मुताबिक यंहा लगभग सौ परिवार सन 1980 से पहले मकान बनाकर निवास रत हैं सभी लोग भूमिहीन गरीब और निरक्षर हैं जानकारी अथवा ज्ञान की कमी के कारण पट्टा हेतु आवेदन नहीं कर सके अब उनकी जमीन पर पंचायत में कब्जा करना शुरू किया है उनके घर बाड़ी को उजाड़ कर यहां व्यवसायिक परिसर का निर्माण किया जा रहा है बेचारे बेबस होकर अपना आशियाना उजड़ते देख रहे है।


दरअसल यहां की भुमि पर सरकार ने हाउंसिंग बोर्ड के जरिए मकान का निर्माण कर बेचना शुरू कर दिया है बाकि की जमीन पर ये काबिज है अब काबिज मकानों पर पंचायत ने अपनी नजरे गड़ाते हुए व्यवसायिक परिसर का निर्माण शुरू कर दिया है ऐसे मे इनके द्वारा विरोध जताने के बावजुद भी सरकार इनकी सुन नही रही है।जिसके कारण ये सरकार से खासे नाराज हैं ।

प्रभावित परिवार के लोगों ने बताया की यहां रहने वाले सभी लोग आदिवासी है और हमारे द्वारा ट्रायल विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकुमार साय के पास भी इसकी शिकायत की गई जिसको संज्ञान में लेते हुवे श्री साय ने स्थानीय एसडीएम और तहसीलदार को बुला कर सख्त आदेश दिया था कि आदिवासी परिवार जहां स्थापित है उन्हें वहीं रहने दिया जाय पर नंदकुमार साय के जाते ही स्थानीय अधिकारियों के द्वारा उनके आदेशो को दरकिनार करते हुवे फिर से उनके हक की जमीन पर प्रशासनिक डंडा चलाना शुरू कर दिया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि शासकीय प्रयोजन के तहत उनके कब्जे की जमीन को सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को देकर लोगों को मकान बेचना शुरू कर दिया है वहीं अब पंचायत भी बाकी बचे जमीन पर अपना कब्जा करना शुरू कर दिया है ऐसे मे सरकार जब साथ आवासहीन लोगों को आवास उपलब्ध करवाने का काम कर रही है साथ ही नजुल मे बसे लोगों को पटटा वितरण किया जा रहा है तो फिर उन्हे शासन की योजनाओं से वचिंत क्यो रखा जा रहा है।

यहां के लोगों का कहना है कि वर्षो से काबिज होने के बावजुद भी उन्हें उनका अधिकार नही मिल पा रहा हे जबकी सरकार लोगों को पटटा वितरण करने का कार्य कर रही है उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत प्रतिनिधि उनके साथ सदैव ही सौतेला व्यवहार करते हैं यदि उन्होंने साथ दिया होता तो अब तक उन्हें काबिज भुमि का मालिकाना हक मिल गया होता।

फिलहाल उक्त मामले को लेकर सरकार के प्रति लोगों में खासी नाराजगी देखी जा रही है ..।





Comments

Popular Posts

"जशपुरिया मॉडल दिल्ली में हुई हिट",मॉडल "रेने" का वह गाँव जहाँ से शुरू हुई संघर्ष की कहानी,पत्रवार्ता की टीम पंहुची रेने के घर

BREAKING(पत्रवार्ता)शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर,छग में भी लागू होगा चाइल्ड केयर लीव,हाईकोर्ट ने दिया आदेश..

बड़ी खबर : जब उड़नदस्ता टीम ने छात्राओं के उतरवाए कपड़े...? ..और फांसी के फंदे पर झूल गई 10 वीं की छात्रा।