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समस्या :- तीन महीनों से नहीं मिला मानदेय,दबाव में काम कर रहे आंगनबाडी कार्यकर्ता,कलेक्टर से हुई शिकायत


जशपुर(पत्रवार्ता.कॉम) आप सोच सकते हैं कोई सरकारी कर्मचारी "खौफ" में काम करने को मजबूर हो...एक आँगनबाड़ी कार्यकर्ता से बातचीत में कुछ ऐसी ही बात सामने आई
"क्या करें साहब सुपरवाईजार के डर से 
काम करने की मज़बूरी है वरना बिना मानदेय
के कौन काम करना चाहता है,तीन महीनों से 
वेतन नहीं मिला,भला कैसे काम करें आप ही बताइए" 

 दरअसल मामला है बगीचा के महिला बाल विकास विभाग का जहाँ अब तक स्थायी परियोजना अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई जो भी काम हो रहा है तो बस प्रभार में ....अब जब अधिकारी ही नहीं रहेंगे तो काम कैसे होगा .?

कलेक्टर जशपुर से जनदर्शन में शिकायत की गई है जिसमे बताया गया है कि बगीचा महिला बाल विकास विभाग में पिछले तीन महीनों से कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं को मानदेय नहीं मिला है जिसके कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है...

कार्यकर्ताओं ने बताया कि परियोजना कार्यालय में संपर्क करने पर बाबू द्वारा आबंटन का न होना बताया जाता है,जबकि जिले के अन्य परियोजना केन्दों में मानदेय दिया जा चूका है ...शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सितम्बर अक्टूबर के मतदाता सूची कार्य का भी मानदेय अब तक उन्हें नहीं दिया गया है .....

सहायिकाओं ने बताया कि परियोजना कार्यालय बगीचा में बाबू की मनमानी से सभी परेशान हैं ...पिछले कुछ दिनों पहले शरबकोम्बो सेक्टर की महिलाओं ने यहाँ पदस्थ बाबू पर पैसे मांगे जाने की शिकायत भी की थी जिसके बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है.....हर मामले में टालमटोल जवाब देने से सही जानकारी भी नहीं  मिल पाती..

फिलहाल मानदेय को लेकर कार्यकर्ता व सहायिका काफी परेशान हैं,जल्द भुगतान न होने पर एकजुट होकर धरना प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही है .....

"मामले में बगीचा कार्यालय को निर्देशित किया गया है,सर्वर में खराबी होने के कारण आबंटन नहीं दिख रहा है रायपुर कार्यालय से संपर्क कर जल्द मानदेय दिलाया जाएगा "
आई टोप्पो,महिला बाल विकास अधिकारी ,जशपुर 
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