जशपुर, टीम पत्रवार्ता, 13 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में राजस्व पटवारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों और पीवी ऐप के माध्यम से कराए जा रहे फसलों के भौतिक सत्यापन कार्य में आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इस संबंध में राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ की ओर से जिला अध्यक्ष विनय कुमार श्रीवास्तव एवं जिला सचिव श्याम सिंह द्वारा 12 अक्टूबर 2026 को संचालक, भू-अभिलेख, नया रायपुर को संबोधित पत्र जारी किया गया है। पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर जशपुर सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
पीवी ऐप के कार्यों में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया
राजस्व पटवारी संघ ने पत्र में उल्लेख किया है कि पीवी ऐप के माध्यम से कराए जा रहे फसलों के भौतिक सत्यापन कार्य में पटवारियों को विभिन्न व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ का कहना है कि इन समस्याओं से शासन एवं संबंधित विभाग को पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनका ठोस और व्यावहारिक समाधान नहीं किया गया है।
संघ ने इसे गंभीर और निराशाजनक स्थिति बताते हुए कहा है कि तकनीकी समस्याओं के बीच कार्य करने के कारण पटवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्याओं का निराकरण किए बिना कार्य के लिए दबाव बनाए जाने पर भी संघ ने आपत्ति जताई है।
कई डिजिटल कार्यों के अतिरिक्त भार का भी जिक्र
पत्र में संघ ने पटवारियों से कराए जा रहे विभिन्न डिजिटल एवं प्रशासनिक कार्यों का उल्लेख किया है। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, बैंकट क्लेम, जनगणना के प्रथम चरण, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे सर्वे, एमएस सर्वे, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, स्वामित्व योजना और सेवा संकल्प शिविर जैसे कार्य शामिल हैं।
संघ का कहना है कि इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है, लेकिन पीवी ऐप की समस्याओं के साथ-साथ अन्य कार्यों का दबाव भी पटवारियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
कार्रवाई और नोटिस जारी करने पर जताई नाराजगी
राजस्व पटवारी संघ ने पत्र में बगीचा, पत्थलगांव और अन्य क्षेत्रों में पटवारियों एवं उनके साथियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए नाराजगी जताई है। पत्र के अनुसार, बलरामपुर बाजार और गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में भी पटवारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस तथा निलंबन जैसी कार्रवाई किए जाने का जिक्र किया गया है। संघ ने इसे बेहद दुखद स्थिति बताया है।
संघ का कहना है कि तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण के बजाय कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने से असंतोष बढ़ रहा है। संघ ने यह भी कहा है कि पुनर्विचार किए बिना जारी किए जा रहे दंडात्मक आदेशों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए तथा संबंधित कार्रवाई की समीक्षा की जानी चाहिए।
लंबित मांगों और पदोन्नति के मुद्दे पर भी उठाई आवाज
पत्र में राजस्व पटवारी संघ ने लंबित मांगों के साथ पदोन्नति से संबंधित पूर्व में प्रस्तुत ज्ञापन का भी उल्लेख किया है। संघ ने मांग की है कि लंबित वेतन विसंगतियों एवं पदोन्नति से जुड़े मामलों पर सकारात्मक पहल की जाए। साथ ही, संबंधित मामलों में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
संघ ने शासन एवं विभाग से अपेक्षा जताई है कि पटवारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी दिक्कतों, लंबित मांगों और दंडात्मक कार्रवाइयों से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाए।
13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
राजस्व पटवारी संघ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं होता है, तो संघ के सभी सदस्य 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन में शामिल होंगे। संघ ने इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही है।
अब देखना होगा कि राजस्व पटवारी संघ की मांगों पर शासन एवं संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और पीवी ऐप की समस्याओं सहित अन्य लंबित मुद्दों के समाधान के लिए क्या पहल होती है।


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