... खबर पत्रवार्ता : जल संरक्षण को मिशन मोड में पूरा करें, मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाएं हों पूर्ण : सीएम साय।

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खबर पत्रवार्ता : जल संरक्षण को मिशन मोड में पूरा करें, मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाएं हों पूर्ण : सीएम साय।

 


रायपुर, टीम पत्रवार्ता, 11 सितंबर 2026। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को जल संचय जनभागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाओं के कार्य पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जल संचय जनभागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति और जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना

मुख्यमंत्री साय ने कोरिया, धमतरी, राजनांदगांव सहित अन्य बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन जिलों की कार्यप्रणाली और अनुभवों को अन्य जिलों में भी अपनाया जाए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। प्रत्येक जिले के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।

जनभागीदारी से बनेगा जल संरक्षण का व्यापक अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। शासन के प्रयासों के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी से ही जल संरक्षण के कार्यों को स्थायी और प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जहां भी कमियां सामने आएं, उनका तत्काल निराकरण किया जाए और निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों।

हर घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना लक्ष्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। राज्य में भी प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने शेष कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश देते हुए सभी कलेक्टरों से अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने प्रशासनिक, तकनीकी या क्रियान्वयन संबंधी बाधाओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।

साय ने स्पष्ट किया कि केवल पाइपलाइन या अन्य अधोसंरचना का निर्माण ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिले।

पूर्ण कार्यों के भुगतान में देरी न हो

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण हो चुके कार्यों का भुगतान समय पर किया जाए।

उन्होंने जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा और बैठक में सामने आई समस्याओं के प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए।

हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा

मुख्यमंत्री साय ने सभी कलेक्टरों को जल संरक्षण और हर घर नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध जल संसाधनों के आधार पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जल संचय जनभागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़े हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से वर्तमान पीढ़ी को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को मजबूत करना होगा और प्रत्येक जिले को पूरी क्षमता के साथ काम करना होगा।

बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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