रायपुर, टीम पत्रवार्ता, 19 अगस्त 2026।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा है कि “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई गति दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग को 12,666 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 1,572 निर्माण कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इनमें 1,285 सड़क, 247 पुल और 42 भवन निर्माण कार्य शामिल हैं।
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में बुधवार को आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में अरुण साव ने विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग प्रदेश के विकास का प्रमुख आधार है। सड़कों, पुलों और शासकीय भवनों के निर्माण के साथ विभागीय कार्यप्रणाली में तेजी और प्रशासनिक कसावट लाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
2025-26 में मिली रिकॉर्ड स्वीकृति
साव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसंबर 2023 से मार्च 2024 के बीच 551 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत के 80 कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें 374 किलोमीटर लंबाई की 72 सड़कें, छह पुल और दो भवन शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,590 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत के 438 कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति मिली। इनमें 1,465 किलोमीटर लंबाई की 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन शामिल है।
वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। इस वर्ष 9,129 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत के 993 कार्यों को मंजूरी मिली। इनमें 5,129.60 किलोमीटर लंबाई की 754 सड़कें, 200 पुल और 39 भवन निर्माण कार्य शामिल हैं। विभाग के अनुसार, राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में यह एक वित्तीय वर्ष में मिली सबसे बड़ी प्रशासकीय स्वीकृति है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक 608 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किलोमीटर लंबाई की 59 सड़कें और दो पुलों के निर्माण कार्य शामिल हैं।
सात नए संभाग और 12 उप संभाग शुरू
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि निर्माण कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए विभागीय प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत सात नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं।उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकताओं में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण भी शामिल है।
अब ऑनलाइन होगी निर्माण कार्यों की निगरानी
साव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही WAMIS (Work and Accounts Monitoring Integration System) लागू किया जाएगा।
इस प्रणाली के माध्यम से डीपीआर तैयार करने से लेकर कार्य की स्वीकृति और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं को एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली से संचालित किया जाएगा। इससे प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा और स्वीकृत निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से विभागीय कामकाज में सुगमता के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था भी बेहतर होगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में मजबूत अधोसंरचना तैयार करते हुए विकास की गति को और तेज करना है।


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