जशपुर, टीम पत्रवार्ता, 30 जुलाई 2026
जशपुर जिले में चर्चित संतोष भगत हत्याकांड में अदालत ने आरोपी पत्नी मंगरीता भगत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप साबित करने में सफल रहा।
मामला दुलदुला थाना क्षेत्र के भिंजपुर गांव का है। अभियोजन के अनुसार, 7 नवंबर 2025 की रात घरेलू विवाद के दौरान मंगरीता भगत ने अपने पति संतोष भगत के सिर पर सिल-पत्थर से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अभियोजन का कहना था कि हत्या के बाद आरोपी ने घर में फैले खून के निशान साफ किए और शव को एक ट्रॉली सूटकेस में रखकर छिपा दिया। दो दिन बाद, 9 नवंबर 2025 को मृतक की बेटी और अन्य परिजन घर पहुंचे। ताला खोलने पर सूटकेस के भीतर शव मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके से भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, जब्ती, मेमोरेंडम और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अदालत में पेश किया गया। अभियोजन के अनुसार, एफएसएल जांच में सूटकेस, सिल-पत्थर और आरोपी के कपड़ों पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई।
कुनकुरी स्थित द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश बलराम कुमार देवांगन की अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत सश्रम आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धारा 238(क) के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
फैसले में अदालत ने कहा कि अपने ही पति की हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाने का प्रयास गंभीर और जघन्य अपराध है तथा ऐसे मामलों में नरमी बरतना न्याय और समाज, दोनों के हित में नहीं होगा।
इस मामले की जांच दुलदुला थाना पुलिस ने की, जबकि अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक पुष्पा सिंह ने पैरवी की।


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