रायपुर, टीम पत्रवार्ता, 15 अप्रैल 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। यह समिति प्रदेश के नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर UCC का प्रारूप तैयार करेगी।
कैबिनेट ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से उनके नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। इससे राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बैठक में सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को भी राहत दी गई है। अब उन्हें राज्य में 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट मिलेगी।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे सेवा क्षेत्र को स्पष्ट पात्रता मिलेगी और उद्योगों के लिए ऋण के विकल्प बढ़ेंगे। PPP मॉडल को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे निवेश और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
खनन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए गौण खनिज नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। रेत खदानों को अब सरकारी उपक्रमों के लिए आरक्षित किया जा सकेगा, जिससे रेत की आपूर्ति में सुधार होगा। अवैध खनन पर सख्ती करते हुए न्यूनतम 25 हजार से अधिकतम 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा दुधारू पशु योजना में संशोधन कर सभी वर्गों को लाभ देने का निर्णय लिया गया है। पशुओं के टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board की सहयोगी कंपनी से टीकों की खरीदी की अनुमति दी गई है।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्व के बंटवारे से जुड़े मामले में भी सहमति दी। इसके तहत मध्यप्रदेश द्वारा शेष राशि छह वार्षिक किश्तों में लौटाई जाएगी।
बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक की उपलब्धता और राज्य में LPG गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।


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