रायपुर, टीम पत्रवार्ता, 23 अप्रैल 2026
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को बरसात से पहले पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि नालों-नालियों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी में बाधा बनने पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है, इसलिए 31 मई तक हर हाल में सफाई कार्य पूरा किया जाए।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने 20-21 अप्रैल को हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि बड़े नालों, नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की गहन सफाई समयसीमा में पूरी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निकायों का भौतिक निरीक्षण करेगी और काम संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियरों पर कार्रवाई तय है।
विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ की स्थिति अक्सर नालों की सफाई में लापरवाही और जल निकासी मार्ग में अवरोधों के कारण बनती है। इससे बचने के लिए सभी निकायों को पहले से ही व्यापक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहरों के मुख्य मार्गों, गलियों और चौराहों की नियमित सफाई के साथ नालों को अंतिम छोर तक गहराई से साफ करने पर जोर दिया गया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि नदी और अन्य जलस्रोत प्रदूषित न हों। निर्माणाधीन नालों में पानी के बहाव को बाधित करने वाली सामग्री हटाने और नालों पर हुए कच्चे-पक्के अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने सभी नगरीय निकायों को बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने और 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही कंट्रोल रूम के नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
निचली बस्तियों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर सुरक्षित स्थानों की पहचान करने के साथ प्रभावित लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। विभाग ने चेताया है कि बाढ़ के दौरान और बाद में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, बारिश से पहले पेड़ों पर लगे साइनबोर्ड, विज्ञापन, बिजली वायर और हाईटेंशन लाइनों से जुड़े खतरे वाले सभी अस्थायी ढांचे हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।


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