... खबर पत्रवार्ता : धमतरी को मखाना हब बनाने की दिशा में पहल वनांचल क्षेत्र में आय का नया स्रोत, मखाना खेती से सशक्त होंगी महिलाएं।

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खबर पत्रवार्ता : धमतरी को मखाना हब बनाने की दिशा में पहल वनांचल क्षेत्र में आय का नया स्रोत, मखाना खेती से सशक्त होंगी महिलाएं।

 


रायपुर, टीम पत्रवार्ता, 7 मार्च 2026 

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले को मखाना उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। नगरी वनांचल क्षेत्र में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिससे किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को आय के नए अवसर मिलेंगे।

मखाना एक जलीय फसल है जो तालाबों, दलदलों और स्थिर जल वाले क्षेत्रों में उगाई जाती है। इसका प्रसार बीजों के माध्यम से होता है और इसकी खेती में अपेक्षाकृत कम लागत आती है, क्योंकि पिछली फसल के बीजों से ही नए पौधे अंकुरित हो जाते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर मखाना को नकदी फसल माना जाता है और यह किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने धमतरी प्रवास के दौरान जिले को मखाना बोर्ड में शामिल करने की घोषणा की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कदम तेज कर दिए हैं।

जिले में मखाना उत्पादन के लिए लगभग 100 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है। प्रारंभिक चरण में नगरी क्षेत्र के संकरा इलाके में 25 एकड़ में मखाना खेती की तैयारी शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र की जलवायु, जल उपलब्धता और प्राकृतिक वातावरण मखाना उत्पादन के लिए अनुकूल है।

इस पहल से स्थानीय किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे। साथ ही वनांचल क्षेत्रों में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

हाल ही में कलेक्टर धमतरी ने संकरा क्षेत्र का दौरा कर मखाना खेती की तैयारियों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मखाना खेती नगरी वनांचल क्षेत्र के लिए आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन सकती है। स्व-सहायता समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज और विपणन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

कलेक्टर ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को समन्वय बनाकर किसानों को प्रशिक्षण देने तथा जल प्रबंधन और फसल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से मखाना खेती के रकबे का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों और समूहों को इससे जोड़ा जा सके। जिला प्रशासन की इस पहल से नगरी वनांचल क्षेत्र में आर्थिक सशक्तिकरण की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।

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