... Big ब्रेकिंग पत्रवार्ता राजनीति: जशपुर में "कमल" खिलाने,शुरु हुई "गुलाब" की राजनीति,जशपुर की इस आदिवासी नेत्री ने की अगुवाई,BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुस्कुराकर लिया गुलाब,राजनैतिक कयासों का दौर शुरु,देखिए समझिए पूरा माजरा..? सिर्फ पत्रवार्ता पर।

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Big ब्रेकिंग पत्रवार्ता राजनीति: जशपुर में "कमल" खिलाने,शुरु हुई "गुलाब" की राजनीति,जशपुर की इस आदिवासी नेत्री ने की अगुवाई,BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुस्कुराकर लिया गुलाब,राजनैतिक कयासों का दौर शुरु,देखिए समझिए पूरा माजरा..? सिर्फ पत्रवार्ता पर।

 


जशपुर,टीम पत्रवार्ता,09 सितंबर 2022

BY योगेश थवाईत

अगले साल छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अब प्रदेश स्तर पर बीजेपी ने चेहरों को बदलना शुरु कर दिया है।वहीं दूसरी ओर संगठन में कसावट लाने व पुख्ता रणनीति बनाने के लिए खुद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा आज छत्तीसगढ़ के रायपुर पंहुचे।यहां जशपुर बीजेपी के साथ यहां के आदिवासी समाज में गहरी पैठ रखने वाली जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनी भगत ने जेपी नड्डा का स्वागत गुलाब देकर किया।उन्होंने मुस्कुराते हुए इसे स्वीकार किया।जनचर्चा के अनुसार इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।समझिये पूरा माजरा...

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में जशपुर हमेशा निर्णायक स्थिति में होता है।यहां जूदेव की लहर के साथ चेहरे चमकते हैं जो छत्तीसगढ़ की राजनीति में अहम स्थान रखते हैं।

आपको बता दें कि बीजेपी के कद्दावर नेता स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता कृष्णकुमार राय व पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव स्वर्गीय जूदेव के बाद जशपुर की राजनीति में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं।हांलाकि इन दिनों पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय व जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनी भगत भी जिले की राजनीति में सक्रिय बने हुए हैं।

रायपुर में जिस प्रकार से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का स्वागत जशपुर की महिला नेत्री जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनी भगत ने किया इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि रायमुनी भगत पूर्व में पार्षद व तीन बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।वहीं रायमुनी भगत बीजेपी के वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार राय की क़रीबी भी हैं।

धर्मांतरण समेत हिन्दू विरोधी गतिविधियों का मुखरता के साथ सामना करने वाली आदिवासी नेत्री रायमुनी भगत ने पत्थरगढ़ी के जिन को उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाई थी।इसके साथ ही छतीसगढ़ के कद्दावर मंत्री अमरजीत भगत के बेटे द्वारा कूटरचना कर खरीदे गए कोरवा की जमीन को वापस दिलाने में प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम वे कर चुकी हैं।इधर जशपुर के पाठ क्षेत्र में उद्योग व बाक्साईड खनन के मुद्दे पर संगठन को एकजुट कर विरोध आंदोलन में अपनी आवाज बुलंद कर उद्योगपतियों को सीधी चेतावनी देने वाली ये पहली महिला नेत्री हैं।

लंबे समय से जशपुर की राजनीति में आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला नेत्री रायमुनी भगत को लेकर जशपुर का जिला संगठन सक्रिय नजर आ रहा है।बीजेपी के प्रदेश व केंद्रीय संगठन में अहम स्थान रखने वाले बीजेपी नेता कृष्ण कुमार राय की रणनीति के अनुसार रायमुनी भगत को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने का मौका मिला।जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में जशपुर जिले की तीनों विधानसभा सीटों में बीजेपी का परचम लहराने के लिए महिला नेत्री को जशपुर की कमान सौंपी जा सकती है।

आपको बता दें कि जशपुर जिले की तीनों सीटों का निर्धारण बीजेपी के वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार राय व राजपरिवार के साथ संघ के समर्थन के बाद ही केंद्र द्वारा फाईनल किया जाता रहा है।अब यहां आदिवासी महिला नेत्री के अलावा दर्जनों ऐसे चेहरे हैं जो आने वाले विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी की होड़ में आगे हैं।

एक ओर आरएसएस एवं वनवासी कल्याण आश्रम के साथ जनजातीय सुरक्षा मंच  के नेतृत्व में बीजेपी के पूर्व मंत्री गणेश राम भगत आदिवासियों के बीच गहरी पैठ बनाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर रायमुनी भगत जिले की राजनीति में बेहद सक्रिय हैं जो लगातार प्रदेश कांग्रेस को हाशिए पर लाने की कोशिश में लगी हुई हैं।

अब देखना होगा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा को जशपुर की रायमुनी भगत द्वारा दिया गया गुलाब कब खिलकर जशपुर की राजनीति में अपनी खुशबू बिखेरता है।





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