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"सुनो सरकार" : शिक्षकों के "मनमाने तबादले" को लेकर पालक हुए "लामबंद",सामूहिक "TC" निकालने पंहुचे स्कूल,पालकों ने कहा "बिना शिक्षक".. कैसे पढ़ाएंगे बच्चों को ?





योगेश थवाईत

जशपुर 08 अगस्त 2019 (पत्रवार्ता) प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण ईलाकों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लाख कोशिशों के बावजूद यहां के अधिकारी कर्मचारी शिक्षकों का मनमाना तबादला कर शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते नजर आ रहे हैं।अब तक तबादले में हुई खामियों को दूर नहीं किया जा सका है जिससे बच्चे व पालक दोनों परेशान हैं ।

इन तबादलों का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में पड़ा है जहां शिक्षकों के तबादले से पालक इतने परेशान हो गए हैं कि अब वे सामूहिक रूप से अपने बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिले के लिए टीसी देने की मांग कर रहे हैं।

मामला है जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड का जहां बिना सेटअप शिक्षकों के मनमाने व बेतरतीब तबादलों का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।ताजा मामला है कुरडेग प्राथमिक स्कूल का जहां पहले 3 शिक्षक हुआ करते थे।यहां से 2 शिक्षकों का तबादला कर दिया।अब लगभग 65 विद्यार्थियों में 1 शिक्षक ही बचे हैं।


गुरुवार को स्कूल शिक्षा समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व ग्रामीण प्राथमिक शाला कुरडेग पंहुचे जहां उन्होंने सामूहिक रुप से अपने बच्चों के टीसी की मांग प्रभारी प्रधान पाठक से की।ताकि पालक अपने बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिला दिला सकें।

शिक्षा के प्रति बेहतर कार्ययोजना बनाकर कार्य करने वाली सरकार की मंशा के विपरीत किये गए शिक्षकों के तबादलों ने शासन के बेहतर शिक्षा के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी है।जिससे बच्चे व अभिभावक खासे परेशान हैं वहीं तबादलों के नाम पर मोटी रकम वसूलने वाले अब इस मुद्दे पर चुप्पी साधे मलाईदार पद पर बने हुए हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक शाला कुरडेग से शिक्षक नरेश कुमार निषाद का तबादला गासेबन्द व संजीव चटर्जी का तबादला लुड़ेग कर दिया गया है।अब इस स्कूल में प्रभारी प्रधान पाठक वीरेंद्र प्रजापति अकेले शिक्षक बचे हैं।जिनके मनमाने रवैये से पालके भी परेशान हैं। फिलहाल  लगभग 65 बच्चों को सम्हाल रहे हैं।


खास बात यह कि ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर समेत आला अधिकारियों से भी की है।इसके बावजूद दोनों शिक्षकों को स्कूल से रिलीफ करा दिया गया।

वहीं गासेबन्द में भी दो शिक्षक बृजमोहन चौहान व सनपत राम सिदार पदस्थ हैं।जिनका भी तबादला कर दिया गया है।इसमें से सनपत राम को रिलीफ कर दिया गया है वहीं वहीं  दूसरे शिक्षक के जाने से यह स्कूल भी एकल शिक्षक वाला हो जाएगा।

शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूलों में 60 बच्चों में कम से कम 2 शिक्षकों का होना अनिवार्य है वहीं इससे अधिक बच्चों पर 30 बच्चों पर अतिरिक्त 1 शिक्षक देने का प्रावधान है।जिले में हुए बेतरतीब तबादलों ने शिक्षा के अधिकार पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

फिलहाल तबादलों को लेकर जिला कलेक्टर द्वारा जारी किये गए निर्देशों का पालन जिले के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा नहीं किया जा रहा है जिसके कारण बच्चों व पालकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है और वे बच्चों के भविष्य को लेकर चिन्तित नजर आ रहे हैं।


"कलेक्टर महोदय के समक्ष तबादले से संबंधित सारी जानकारी प्रस्तुत की गई है।उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जिले में सेटअप के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।"

बीआर ध्रुव जिला शिक्षा अधिकारी
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