... सेंट्रल जेल से फिर निकला लेटर,इस बार पत्र चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट को..

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सेंट्रल जेल से फिर निकला लेटर,इस बार पत्र चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट को..


बिलासपुर(पत्रवार्ता.कॉम) लूट, डकैती सहित हत्या के 42 मामलों में जेल में बंद कुख्यात बदमाश पुष्पेंद्र नाथ चौहान ने जेल से फिर पत्र लिखा है। इस बार उसने चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर कहा है कि पुलिस ,न्यायालय को गुमराह कर रही है ।इससे पहले पुष्पेंद्र ने उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों को जान से मारने की धमकी भरा पत्र लिख कर फिरौती मांगी थी।

यह पत्र एक बार फिर जेल में पुष्पेंद्र की पहुंच और दबदबा को बताता है, इससे पहले जब पुष्पेंद्र ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर करोड़ों रुपए फिरौती मांगी थी तब जेल प्रबंधन ने उसकी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी । उसे  अलग सेल में रखा गया था, लेकिन बावजूद इतनी निगरानी के एक बार फिर पुष्पेंद्र ने यह पत्र लिख दिया है । यह पत्र पोस्ट कार्ड पर लिखा गया है जिसे जेल प्रशासन ,कैदियों को अपने परिजनों को पत्र लिखने के लिए उपलब्ध कराता है ।नियमतः कैदियों के लिखे पत्र की जेल प्रशासन जांच भी करता है। जिससे कि कोई आपत्तिजनक बात कैदी के पत्र में ना हो। यह पत्र भी पुष्पेंद्र ने जेल से लिखा है लेकिन इस पत्र की जांच नहीं की गई है ।सीजेएम बिलासपुर को लिखे गए इस पत्र को बिलासपुर प्रेस क्लब के सचिव के नाम भेजा गया है और सचिव से आग्रह  किया गया है कि उसे सीजीएम तक पहुंचा दें। 

पत्र के मुताबिक पुष्पेंद्र के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने  गलत तथ्य न्यायालय में पेश किए हैं जिसके कारण गलत फैसला दिया है।  पुष्पेंद्र के जरिए मांग की है कि उसे स्वयं सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए। इससे पहले दो मुख्यमंत्री को फिरौती की रकम मांगने के पत्र लिख चुके पुष्पेंद्र के इस कारनामे के बारे में जेल प्रशासन को जानकारी नहीं थी। जेल सुपरिटेंडेंट का कहना है कि ऐसे पत्र चेक किए जाते हैं वह देखेंगे इस तरीके का पत्र कैसे जेल से निकला ।उन्होंने यह भी कहा कि अब पुष्पेंद्र को एक अलग सेल में रख कर उससे सारा सामान ले लिया गया है और  सीसीटीवी कैमरे से उस पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

बहरहाल, इस मामले ने एक बार फिर जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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