... खबर पत्रवार्ता : "युध्दवीर सिंह जूदेव "की तरकश से निकला "तीर" जशपुर जिला अस्पताल के भ्रष्टाचार पर साधा निशाना,पिछले 2 वर्षों की सभी खरीदी की जांच की मांग,मुख्यमंत्री समेत जिम्मेदारों के नाम लिखा पत्र......

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खबर पत्रवार्ता : "युध्दवीर सिंह जूदेव "की तरकश से निकला "तीर" जशपुर जिला अस्पताल के भ्रष्टाचार पर साधा निशाना,पिछले 2 वर्षों की सभी खरीदी की जांच की मांग,मुख्यमंत्री समेत जिम्मेदारों के नाम लिखा पत्र......

 


जशपुर,टीम पत्रवार्ता,28 मई 2021

लगातार भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में बने रहने वाले जशपुर जिला अस्पताल में पिछले दो वर्षों में हुई खरीददारी को लेकर पूर्व विधायक युध्दवीर सिंह जूदेव ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।गौरतलब है कि जिला अस्पताल जशपुर में सीएस एफ खाखा व आरएमओ अनुरंजन टोप्पो के द्वारा बिना क्रय नियमों का पालन किये करोड़ों की खरीदी की गई है।उक्त मामले में हुए भ्रष्टाचार को लेकर युध्दवीर सिंह जूदेव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच कर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

पत्र में लिखा है

प्रति,

विषय : माननीय श्री भूपेश बघेल जी मुख्यमंत्री , छत्तीसगढ़ शासन , रायपुर ( छ.ग . ) स्वास्थ्य विभाग , जिला चिकित्सालय जशपुर के अधिकारियों द्वारा करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर शासन को आर्थिक क्षति पहुचाये जाने के संबंध में कार्रवाई किये जाने बावत् ।

माननीय मुख्यमंत्री महोदय

स्वास्थ्य विभाग , जिला चिकित्सालय जशपुर के अधिकारी , कार्यालय सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जशपुर के द्वारा वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के बिलों का बिना क्रय नियमों का पालन किये , बिना टेंडर किये क्रय समिति के अनुमोदन के बिना , करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर राशि भुगतान करने की कार्रवाई की जा रही है । 

तथा निविदा जारी किये बिना ही नियमों को ताक पर रखकर खरीदी की गई । उक्त कृत्य को मुख्य लिपिक द्वारा नियमों का हवाला दिये जाने पर मुख्य लिपिक को क्रय बिल के प्रभार से हटाकर अपने चेहते कर्मचारी को प्रभार देकर बिलों का भुगतान किये जाने का षडयंत्र सिविल सर्जन द्वारा रचा गया ।

यह प्रकरण स्पष्ट रूप से सीधा - सीधा " कमीशनखोरी " कर फर्म को लाभ पहुचाये जाने का प्रतीत होता है । सिविल सर्जन द्वारा अपनी क्षमता से अधिक खरीददारी की गई तथा खरीदे गये सामग्री का भौतिक सत्यापन भी नही कराया गया ।

 " फर्म " जिन्हे लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है

श्री श्याम सर्जिकल रायगढ़ ( छ.ग . ) ,

 जिन्दल इंटरप्राइसेस रायगढ़ ( छ.ग . )

चंद्रा मेडिकल एजेंसी रायगढ़ ( छ.ग . ) . 

गुप्ता बुक डिपो जशपुर ( छ.ग . ) , 

रायपुर साइंटिफिक खमतराई रायपुर ( छ.ग. ) , 

सत्या इंटरप्राईसेस रायपुर ( छ.ग . ) ,

विजय स्टील इंडस्टीज रायगढ़ ( छ.ग . ) . 

न्यू साव इलेक्टानिक्स जशपुर ( छ.ग . ) , 

कुमुद टेक्सटाईल खादीग्रामोद्योग महरिया जशपु ( छ.ग . ) , 

कामथेन सिक्योरिटी सर्विस इंदौर ( म.प्र . ) , 

कुल राशि 10036974.00 ( एक करोड़ छत्तीस हजार नौ सौ चौहत्तर ) रूपये की हेराफेरी किये जाने की योजना सिविल सर्जन द्वारा बनाई गई ।सिविल सर्जन का उक्त कृत्य अत्यंत निंदनीय है । छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम 2017 के विपरीत एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण अधिनियम के विरूद्ध है ।

अतः माननीय मुख्यमंत्री से सादर निवेदन है कि उपरोक्त गंभीर प्रकरण पर व्यक्तिगत रूप से रूचि लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर जांच कराने तथा कार्यालय सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जशपुर को अविलंब बर्खास्त / निलंबित किये जाने की कार्रवाई करने का कष्ट करेंगे,ताकि जांच प्रभावित ना हो सके । 

कतिपय कारणों से इस प्रकरण पर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं होती है तो मुझे मजबूरन कैग और उच्च न्यायालय के शरण में जाना पड़ेगा , जिसकी समस्त जिम्मेदारी आपकी और स्वास्थ्य विभाग तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जशपुर की सादर , होगी ।उक्त पत्र माननीय टी.एस.सिंह देव , मंत्री , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग , छत्तीसगढ़ शासन , रायपुर , को भी  भेजकर जांच कार्यवाही की मांग की गई है।

 प्रकरण आपके विभाग से संबंधित है , कृपया व्यक्तिगत रूप से रूचि लेते हुए इस गंभीर प्रकरण पर दोषियों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की कृपा करेंगे । 2. मुख्य सचिव , छत्तीसगढ़ शासन , रायपुर को उपरोक्त प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई किये जाने हेतु सादर सूचनार्थ । 3. सचिव , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग , छत्तीसगढ़ शासन , रायपुर को उपरोक्त प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई किये जाने हेतु सादर सूचनार्थ । 4. कलेक्टर , जिला जशपुर ( छ.ग . ) . उपरोक्त प्रकरण में अविलंब आवश्यक कार्रवाई कर दोषियों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मुझे अवगत कराने का कष्ट करेंगे ।

अब देखना होगा कि उक्त मामले में क्या कार्यवाही होती है।फिलहाल जिला प्रशासन के द्वारा अब तक जांच टीम का गठन नहीं किया गया है।

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