... पहल:- इसे कहते हैं जमीनी अधिकारी!जब कलेक्टर फावड़ा लेकर उतर गए तालाब में और फिर कारवां बनता चला गया.....?

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पहल:- इसे कहते हैं जमीनी अधिकारी!जब कलेक्टर फावड़ा लेकर उतर गए तालाब में और फिर कारवां बनता चला गया.....?

पत्रवार्ता के लिए जशपुर से योगेश थवाईत

जशपुर(पत्रवार्ता) जी हां बयानबाजी और कागजों पर वाहवाही बटोरने वाले बहुत से अधिकारी आपने देखे होंगे।यहां हम बात कर रहे हैं जमीन से जुड़े अधिकारी जशपुर कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर की जिनकी अगुवाई में जशपुर में जलस्रोत व जल संरक्षण की दिशा में बृहत्तर बेहतर पहल की जा रही है।इस काम के लिए कलेक्टर नीलेश कुमार खुद ही हाथ मे फावड़ा लेकर तालाब में उतर गए और कारवां बनता चला गया।
वाकई जब जिले का बड़ा अधिकारी खुद हाथ मे फावड़ा उठा ले तो भला कोई पीछे कैसे राह सकता है।दरअसल जिला प्रशासन व समाजसेवियों की पहल पर सामूहिक श्रमदान कर जशपुर के सबसे पुराने सती तालाब की सफाई व गहरीकरण का कार्य शुरू किया गया है।

कलेक्टर नीलेश कुमार ने जब हाथ मे फावड़ा लेकर खुद तालाब की सफाई शुरु की तो देखते ही देखते यहां के कर्मचारी अधिकारी व समाजसेवी भी सामूहिक श्रमदान में जुट गए।जिला प्रशासन द्वारा सतीतालाब का काया कल्प कर इसे मरीन ड्राइव बनाने की योजना है
जशपुर जिले की स्थापना के 21 साल पूरे हो चुके हैं। जशपुर में जल एवं जल स्त्रोतों के संरक्षण का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।कलेक्टर नीलेश कुमार की अगुवाई में जशपुर के सती तालाब की साफ सफाई का कार्य शुरू किया गया।

सती तालाब का सौन्दर्यीकरण कराते हुए इसे मरीन ड्राइव व पिकनिक चौपाटी के रूप में विकसित किये जाने की योजना है।जिसके लिए सामूहिक श्रमदान कर तालाब के जलकुम्भी व खरपतवार को हटाने का काम किया जा रहा है।
25 मई से इस सामूहिक श्रमदान के माध्यम से तालाब सौंदर्यीकरण के काम की शुरुआत हो चुकी है।जिसमें जशपुर के नागरिकों,समाजसेवियों व जनप्रतिनिधियों के भरपूर सहयोग मिल रहा है।

पत्रवार्ता से चर्चा करते हुए कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर ने बताया कि लोगों में जागरुकता जरुरी है।इसमें लिए सामूहिक श्रमदान के माध्यम से कार्य शुरु किया गया है।उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों,शहर के सभी संगठनों,स्वंयसेवी समाज सेवी संस्थाओं के लोगों से सती तालाब के श्रमदान कार्य में सहभागी होने की अपील की है।

जिला पंचायत सीईओ राजेन्द्र कटारा ने बताया कि यह तालाब शहर के बीच मे हैं इसे सुंदर रुप दिए जाने की योजना है।फिलहाल तालाब का गंदा पानी निकाल गया है और श्रमदान कर तालाब की सफाई की जा रही है।आने वाले दिनों में मशीनों से तालाब की गहरीकरण के साथ अन्य काम होंगे।

गौरतलब है कि जिला कलेक्टर की पहल पर पहले जशपुर शहर से लगे पनचक्की डेम और तिवारी नाला की जनसहयोग से साफ सफाई कर उसे सुंदर बनाया जा चुका है।


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