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अब छत्तीसगढ़ में भी आम आदमी पार्टी विकल्प के रूप में सामने है,आप भरोसा कर सकते हैं-अलका लांबा

बिलासपुर(पत्रवार्ता.कॉम) दिल्ली सरकार से आम आदमी पार्टी की विधायक और स्टार प्रचारक अल्का लांबा ने बिलासपुर से राज्य व केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। अल्का ने कहा कि केंद्र में मोदी, अमित शाह और राज्य में रमन सिंह की सरकार में आम जनता, किसान, मजदूर, युवा, महिला सभी परेशान हैं। सत्ता में आने के बाद सरकार केवल इन्हें लूटने का काम कर रही है।


विजन छत्तीसगढ़, युवा-संवाद कार्यक्रम के तहत अल्का लांबा बिलासपुर पहुँची। यहां उन्होंने केंद्र व राज्य के भाजपा सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि जब 2014 में लोकसभा चुनाव हो रहा था, तब मोदी ने कहा था कि विदेश से काला धन लाएंगे। हर गरीब, किसान और मजदूर भाइयों के अच्छे दिन आएंगे। हर एक के बैंक खाते में 15-15 लाख रुपए जमा होंगे। लेकिन किसी के खाते में 15 लाख रुपए नही आए।

मोदी ने ये भी वायदा किया था कि देश में महंगाई कम की जाएगी। भाजपा सरकार की चार साल के कार्यकाल में महंगाई बढ़ गई है। पेट्रोल की कीमत 70 रुपए प्रतिलीटर से पार हो गई है।आज डालर की कीमत बढ़ रही है और रुपए की कीमत कम हो रही है।

उन्होंने राज्य की रमन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की भाजपा सरकार किसान हितैषी होने का ढोंग करती है। उनसे फसल बीमा के नाम पर मोटी प्रीमियम ली जाती है और जब देने की बारी आती है तो किसानों के खाते में 100-200 रुपए जमा किए जाते हैं।
छत्तीसगढ़ में भाजपा हो या कांग्रेस के नेता सभी के प्राइवेट स्कूल चल रहे हैं, जहां मोटी फीस ली जाती है। इन स्कूलों में गरीब किसानों के बच्चे नहीं पढ़ पाते। उन्हें सरकारी स्कूल में मजबूरन पढ़ना पड़ रहा है। सरकार कहती है कि बच्चों को हम भोजन दे रहे हैं। भोजन देने से कोई शिक्षित नहीं होता। स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने से बच्चे शिक्षित होंगे और कुछ कर गुजरेंगे।

उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले के
बिल्हा विधानसभा प्रत्याशी 
सरदार जसबीर सिंह समेत सातों 
विधानसभा के उम्मीदवारों को 
आपको सौंपकर जा रही हूं। 
इन्हें जिताने की जिम्मेदारी आपकी है। 
इन्हें विधानसभा पहुंचाइए। 
फिर देखिए यहां भी दिल्ली मॉडल लागू हो जाएगा।

इस दौरान दिल्ली विधायक लांबा ने दिल्ली सरकार का मॉडल रखा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में निजी स्कूलों से ज्यादा अच्छी व्यवस्था सरकारी स्कूलों की है, जहां अब बड़े-बड़े नामी स्कूलों के बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश है। 

वहां की कानून व्यवस्था, शिक्षा, नौकरी सारी चीजें केंद्र सरकार तय करती है। फिर भी हमने रोजगार मेला लगाकर 35 हजार युवाओं को नौकरी दी है। हमने कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षित किया। जो युवा प्रशिक्षित हुए, उन्हें प्रमाण पत्र के साथ एक लाख रुपए इसलिए दिए जाते हैं, ताकि वो तत्काल अपना स्वरोजगार शुरू कर सके।

दिल्ली विधायक लांबा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। यहां के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ठूंस-ठूंसकर भरा जाता है। इलाज के नाम पर उगाही की शिकायतें हैं। कभी दवा खत्म हो जाती है तो कभी इंजेक्शन। कुछ मरीज जब लाइन में लगे रहते हैं तो उन्हें दो-तीन माह का समय दिया जाता है।मरीज दो-तीन माह तक तो नहीं रुक सकते। 

इसलिए वे निजी अस्पतालों में इलाज कराते हैं। इससे उन्हें आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है, जबकि दिल्ली में ऐसा नहीं है। दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था है। यदि किसी अस्पताल में मरीज को भर्ती करने के लिए जगह नहीं है तो उन्हें सरकारी अस्पताल में दाखिला दिलाया जाता है और उनके इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार वहन करती है।

दिल्ली विधायक लांबा ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2015 में केंद्र सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दिया। यह नारा सुनकर हम समझे कि चलो… अब बेटियों की सुरक्षा होगी, क्योंकि 2012 में दिल्ली निर्भया कांड हुआ था। यह नारा देने के कुछ महीने बाद बेटियों के बलात्कार के ढेरों मामले सामने आए। यही नहीं, भाजपा के मंत्री से लेकर बेटे और रिश्तेदारों ने गरीब बेटियों की इज्जत से खेला। कन्या आश्रम में रहने वाली बालिकाओं के शरीर को नोचे गए। ये सब भाजपा सरकार के राज में हो रहा है। इसलिए अब इस सरकार को बदलने की जरूरत है।


दिल्ली विधायक लांबा ने कहा कि जनता मजबूरी में भाजपा और कांग्रेस को वोट देती रही है, क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं था। दिल्ली में जब आम आदमी पार्टी ने चुनाव लड़ा तो उन्हें एक विकल्प नजर आया। हम खुद ही उम्मीद नहीं कर रहे थे कि इतनी सीटें जीतकर आएंगे, लेकिन वहां की जनता ने 15 साल से राज कर रही कांग्रेस को शून्य पर लाकर खड़ा कर दिया और आप पार्टी को 70 में से 67 सीटों पर विजयी बनाया। 

भाजपा को सिर्फ तीन सीट दी गई।अब छत्तीसगढ़ में भी आम आदमी पार्टी विकल्प के रूप में सामने है। यहां की 90 विधानसभा सीटों में से 67 में प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप घर-घर जाकर जनता को समझाइए कि आम आदमी पार्टी की सरकार आएगी तो क्या होगा। दिल्ली का मॉडल उनके सामने रखिए।


कार्यक्रम में प्रदेश वार-रूम प्रभारी सूरज उपाध्याय, प्रदेश व्यापार प्रकोष्ट प्रभारी नरेन्द्र दुग्गड, लोकसभा अध्यक्ष और बिल्हा विधानसभा प्रत्याशी सरदार जसबीर सिंग, बिलासपुर विधानसभा प्रत्याशी शैलेश आहूजा, बेलतरा विधानसभा प्रत्याशी अरविन्द पाण्डेय, कोटा विधानसभा प्रत्याशी हरीश चंदेल, तखतपुर विधानसभा प्रत्याशी अनिल सिंग बघेल, मुंगेली विधानसभा प्रत्याशी रामकुमार गन्धर्व, मस्तुरी विधानसभा प्रत्याशी लक्ष्मी प्रसाद टंडन एवं सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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