जशपुर, टीम पत्रवार्ता, 06 अप्रैल 2026
कुनकुरी में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में आज पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय श्रद्धाभाव से शामिल हुए। सालियाटोली मिनी स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित इस दिव्य आयोजन में उनके साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी उपस्थित रहीं। दोनों ने परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापू से आशीर्वाद ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र को आत्मसात करने का संदेश देते हुए कहा कि रामकथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणा है।
छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं प्रभु श्रीराम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुनकुरी की यह पावन भूमि आज धन्य हो गई है। पूरा वातावरण ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गुंजायमान है और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल होने के कारण यहां के कण-कण में राम बसते हैं।
उन्होंने वनवास काल का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने अपना अधिकांश समय दंडकारण्य और छत्तीसगढ़ के अंचलों में बिताया। यहां आज भी सीता रसोई जैसे पौराणिक स्थल इस इतिहास के साक्षी हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा देश के लिए गौरव का क्षण है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक हजारों श्रद्धालु अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं।
रामभक्ति का अद्भुत संगम उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रामकथा की अमृतमयी धारा में जनमानस सराबोर होकर भक्ति रस का आनंद ले रहा है। विशेष रूप से रामनामी समाज की भक्ति परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका समर्पण अद्वितीय है।
इस अवसर पर रोहित व्यास, लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
08 अप्रैल तक चलेगी रामकथा की पावन धारा
02 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा 08 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होगी। इस आयोजन को लेकर कुनकुरी सहित पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।
भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह आयोजन क्षेत्र में अद्भुत धार्मिक चेतना का संचार कर रहा है।



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