अंबिकापुर, टीम पत्रवार्ता, 29 मार्च 2026
जिला सरगुजा के अंबिकापुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग PHE से जुड़े ठेकेदारों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। भुगतान में देरी और कथित प्रताड़ना से परेशान एक ठेकेदार ने आत्मदाह की चेतावनी दी है, वहीं अन्य ठेकेदारों ने भी विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर चुके ठेकेदार रजनीकांत अग्रवाल ने कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया कि उन्होंने लगभग एक वर्ष पहले अपना कार्य पूर्ण कर लिया था, लेकिन अब तक उन्हें पूरा भुगतान नहीं मिला है। करीब 65 लाख रुपये के कार्य के बदले मात्र 22 लाख रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि शेष राशि के लिए उन्हें लगातार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि PHE विभाग के कुछ अधिकारी जानबूझकर भुगतान प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। साथ ही उपअभियंता धर्मेन्द्र सिंह पर देयक तैयार करने के नाम पर कमीशन मांगने और मना करने पर ठेकेदारों को ब्लैकमेल व प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इधर, भुगतान में देरी से नाराज ठेकेदारों ने PHE कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ठेकेदार संघ का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से भुगतान लंबित है और अनुबंध नियमों में लगातार फेरबदल कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 मार्च तक भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो वे कार्यालय में ताला जड़ देंगे।
रजनीकांत अग्रवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे 30 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे अंबिकापुर स्थित PHE कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे। उन्होंने इस संभावित घटना की पूरी जिम्मेदारी विभाग और संबंधित अधिकारियों पर डाली है। इस मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता को भी भेजी गई है।
वहीं, PHE विभाग के जिला अधिकारी ओंकार सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद उपअभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर चेतावनी को किस तरह लेता है और समय रहते क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


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