... ब्रेकिंग पत्रवार्ता : "दिव्यांगों के यौन शोषण" मामले में "राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग" ने जशपुर कलेक्टर व SP से मांगा जवाब,इन बिंदुओं पर 3 दिनों में देना होगा जवाब...इधर लापरवाह DMC के विरुद्ध कार्यवाही व FIR की मांग को लेकर लामबंद हुए BJP नेता।

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ब्रेकिंग पत्रवार्ता : "दिव्यांगों के यौन शोषण" मामले में "राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग" ने जशपुर कलेक्टर व SP से मांगा जवाब,इन बिंदुओं पर 3 दिनों में देना होगा जवाब...इधर लापरवाह DMC के विरुद्ध कार्यवाही व FIR की मांग को लेकर लामबंद हुए BJP नेता।

 


जशपुर, टीम पत्रवार्ता,26 सितंबर 2021

BY योगेश थवाईत

जशपुर में दिव्यांगों से हुए यौन शोषण की खबर सामने आने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले में नोटिस जारी करते हुए जशपुर कलेक्टर व एसपी से जवाब मांगा है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जशपुर में समग्र शिक्षा द्वारा खनिज न्यास निधि से संचालित दिव्यांग आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में 1 नाबालिग दिव्यांग से दुष्कर्म व 5 बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में जिला प्रशासन की सक्रियता से 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दोनों जेल भेजे जा चुके हैं।

इधर खबर राष्ट्रीय स्तर पर सामने आने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जिलाधिकारी, जशपुर को नोटिस जारी करते हुए बच्चों के साथ यौन शोषण के मामले में कार्यवाही कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने संबंधी पत्र जारी किया है।

पत्र में लिखा गया है

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को खबर के माध्यम से एक कथित बाल यौन शोषण की जानकारी प्राप्त हुई है, जिसके अनुसार सरकार द्वारा संचालित जशपुर के एक शेल्टर होम में आरोपी राजेश राम और नरेन्द्र भगत द्वारा दिनांक 22 सितम्बर को बच्चों के साथ मारपीट की गयी एवं 13 से 17 साल के बच्चों के साथ यौन शोषण किया गया। बच्चों के साथ हुई घटना की जानकारी तब सामने आई जब एक स्थानीय पत्रकार को इसकी जानकारी मिली और कलेक्टर के माध्यम से मामला पुलिस के संज्ञान में आया।

इन बिंदुओं पर देनी होगी जानकारी

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को पोक्सो अधिनियम की धारा 44 व पोक्सो नियम 2020 के नियम 12 के अन्तर्गत इसके प्रावधानों की निगरानी का अध्यादेश दिया गया है। उपरोक्त मामले का स्वत: संज्ञान CPCR अधिनियम 2005 की धारा 13 (1) (j) के अन्तर्गत लिया गया है।

आपको निर्देशित किया जाता है कि इस पीड़िताओं की पहचान की गोपनीयता जांच के दौरान हर स्तर सुरक्षित रखते हुए मामले में आवश्यक कार्यवाही प्रकरण की निम्न जानकारी व दस्तावेजों सहित आयोग एक अंतरिम जांच रिपोर्ट 3 दिन के भीतर एवं विस्तृत जांच रिपोर्ट (10 दिन के अंतर्गत) प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

मामले में दर्ज FIR की प्रतिलिपि

पीड़िताओं की आयु की प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराएं।

आरोपियों के विरुद्ध की गयी कार्यवाही की जानकारी।

पीड़िताओं को मेडिकल सहायता और काउंसलिंग आदि के सहयोग से मानसिक पीड़ा से उबारने हेतु किये गए प्रयासों का विवरण

पोक्सो नियम 2020 के नियम 5 के अनुसार मामले में सहायक व्यक्ति/ ट्रांसलेटर /स्पेशल एड्रकेटर नियुक्त करें

मामले में पोक्सो नियम 2020 के नियम 7 (विधिक सहायता और मदद) और 8 के अनुसार (विशेष राहत दिलाये जाने की कार्यवाही की जानकारी

फिलहाल जिला प्रशासन ने पुरी सक्रियता के साथ उक्त मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए 2 आरोपियों को जेल भेजते हुए अधीक्षक को निलंबित कर दिया है।वहीं लगातार डीएमसी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की जा रही है।हांलाकि कलेक्टर महादेव कावरे ने डीएमसी विनोद पैंकरा को शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।वहीं बीजेपी नेताओं ने मांग की है कि डीएमसी की लापरवाही को देखते हुए कार्यवाही हेतु तत्काल संभागीय कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए।

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