... कोरोना ब्रेकिंग : "छत्तीसगढ़ सरकार" की गलत नीतियों का खामियाजा "जशपुर" क्यों भुगते..? पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने ठहराया जिम्मेदार...? बताया जशपुर में "संक्रमण" बढ़ने का सीधा कारण....?

कोरोना ब्रेकिंग : "छत्तीसगढ़ सरकार" की गलत नीतियों का खामियाजा "जशपुर" क्यों भुगते..? पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने ठहराया जिम्मेदार...? बताया जशपुर में "संक्रमण" बढ़ने का सीधा कारण....?


                                         

जशपुर,टीम पत्रवार्ता,06 जून 2020

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने सीधे छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधा है उन्होंने प्रदेश सरकार की गलत नीतियों को इसका प्रमुख कारण बताया है।इतना ही नहीं उन्होंने सरकारी तंत्र और प्रशासनिक उपेक्षा को जशपुर में बढ़ रहे संक्रमण का मुख्य कारण बताया।

एक ओर जहाँ कोरोना महामारी को लेकर जहां पूरा विश्व आतंकित है और उससे बचने के लिए सैकड़ों उपाय किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सरकारी एवं प्रशासनिक उपेक्षा के कारण जशपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से महामारी पाँव पसारती जा रही है।उल्लेखनीय है कि अन्य राज्यों से आए हुए लोगों के लिए जिले के सभी गांव में क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं और इस हेतु केंद्र सरकार के द्वारा विभिन्न मापदंड बनाते हुए हर जरूरी सुविधाएं राज्य सरकारों को उपलब्ध कराई गई हैं,जिसमें यह व्यवस्था की गई है कि जैसे ही कोई प्रवासी क्वॉरेंटाइन सेंटर में आता है तो तत्काल उसके सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजा जाना है।14 दिन क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने के दौरान ही उस व्यक्ति की जांच रिपोर्ट आनी है पर जिले का दुर्भाग्य है कि सही समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पा रही और जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी प्रवासियों को बिना रिपोर्ट आए ही छोड़ रहे हैं।

पूर्व मंत्री  गणेश राम भगत ने स्थानीय प्रशासन समेत सम्बंधित स्वास्थ्य अधिकारीयों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि पुरे जिले के क्वॉरेंटाइन सेंटरों में इस बात को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। प्रवासियों के क्वॉरेंटाइन सेंटर में आने के 7 दिन बाद तक भी उनके सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं और बगैर सैंपल  के रिपोर्ट आए क्वॉरेंटाइन सेंटर में रह रहे संदिग्ध रोगियों को  सेंटर से छुट्टी दे दी जा रही है।जिस पर संदिग्ध रोगी गांव में जाकर अपने परिवार एवं गांव के अन्य लोगों के संपर्क में आ रहा है और उसके बाद उस व्यक्ति की पॉजिटिव रिपोर्ट आती है जब तक उक्त संदिग्ध व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना मिलती है तब तक वह व्यक्ति गांव के कई लोगों को संक्रमित कर चुका होता है।

ऐसे कई मामले जशपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहे हैं तत्काल में बगीचा के कलिया,रेंगोला,जशपुर के दुलदुला,कुनकुरी के रायकेरा में इस तरह के गंभीर मामले सामने आए हैं। जिसमें कलिया में संदिग्ध व्यक्ति 3 दिनों तक गांव में घूमता है और उसके बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव बता कर उसे रायगढ़ रिफर किया जाता है।वही दुलदुला में 1 दिन तक संदिग्ध व्यक्ति गांव में घूमता है और उसके बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जाती है यह एक गंभीर लापरवाही है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के द्वारा कोरोना महामारी को लेकर किसी भी राज्य में सुविधाओं की कोई कमी नहीं की गई है और हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है उसके बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार एवं जिला प्रशासन के द्वारा जशपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में इस महामारी को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है जो ठीक नहीं है।

उक्त संबंध में पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने वाले प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति की रिपोर्ट उसके क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने के दौरान ही मंगाई जानी चाहिए और जब तक व्यक्ति की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक किसी भी हालत में ऐसे संदिग्ध लोगों को क्वॉरेंटाइन सेंटर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

पूर्व मंत्री ने बताया कि बगीचा समेत जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मनमाना रवैया क्षेत्र के लिए घातक सिद्ध हो  सकता है उन्हें सचेत होकर गंभीरता पूर्वक कड़े मापदंडों के साथ काम करना चाहिए।यदि कलिया और दुलदुला में उक्त संदिग्ध मरीज के क्वारंटाईन सेंटर से बाहर निकलने के कारण अन्य लोगों को संक्रमित करने की रिपोर्ट आती है ऐसी स्थिति में उक्त क्वारंटाईन सेंटर के प्रभारियों के विरुद्ध महामारी एक्ट के तहत तत्काल प्रकरण दर्ज करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गम्भीर लापरवाही जिले के अन्य क्वारंटाईन सेंटरों में न हो सके और जिले में महामारी न फैल सके। 

 





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