... सरोकार : "5 हजार आदिवासियों" ने धारण किया "जनेऊ" लिया "शराब" त्यागने का संकल्प,गायत्री परिवार की अनूठी पहल।

सरोकार : "5 हजार आदिवासियों" ने धारण किया "जनेऊ" लिया "शराब" त्यागने का संकल्प,गायत्री परिवार की अनूठी पहल।



अंजड़/ओझर ,टीम पत्रवार्ता

मध्यप्रदेश के ग्राम सालोटांडा में अखिल विश्व गायत्री परिवार के द्वारा ऋषि पंचमी पर आयोजित कार्यक्रम में 5 हजार से अधिक आदिवासियों ने जनेऊ धारण कर शराब त्यागने का संकल्प लिया।यह कार्यक्रम आदिवासी संत डेमनिया बाबा के नेतृत्व में सम्पन्न कराया गया।

उल्लेखनीय है कि डेमनिया बाबा क्षेत्र में आदिवासी संत के नाम से प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में लगा दिया है। वे अपने स्वयं के खर्चे से नशा मुक्ति व कुरीतियों से लोगों को बचाकर एक आदर्श स्थापित कर रहे हैं। 

मध्यप्रदेश के अलीराजपुर,धार, झाबुआ, खरगोन जिले के 5000 से ज्यादा आदिवासियों ने उक्त कार्यक्रम में भाग लिया। सालीटांडा राजपुर तहसील के छोटे से ग्राम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में ऋषि पंचमी पर्व पर आयोजन हुआ। पंच कुंडीय गायत्री यज्ञ के साथ व्यसन मुक्ति का संकल्प लेकर पौधारोपण किया गया।

आदिवासी संत डेमनिया बाबा सन 1982 से गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा के पदचिन्हों पर चलते हुए व्यसन मुक्ति व कुरुति उन्मूलन का कार्यक्रम चला रहे हैं। पिछले 35 साल में डेमनिया बाबा ने लगभग 80 हजार आदिवासियों को व्यसन मुक्त कराया है।

उक्त आयोजन में राजस्थान कोटा से संत रामकरण ब्रह्मचारी ने भी जन समुदाय को आशीर्वचन दिया। इस अवसर पर गिरीश रावत जिला पंजीयक, पूर्व विधायक ग्यारशी लाल रावत, महेंद्र भट्ट, गायत्री परिजन, महिला मंडल, युवा मंडल भी उपस्थित हुए थे। यज्ञ संस्कार आदिवासी पुरोहित टोली ने करवाया आभार प्रदर्शन नरेंद्र डावर ने किया।

वृक्ष गंगा अभियान में रोपे 124 पौधे
गायत्री परिवार के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वृक्ष गंगा अभियान के तहत 124 पौधे रोपकर उसके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। विशाल जन समुदाय को संबोधित करते हुए डेमनिया बाबा ने कहा की शराब से व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। नशे में एेसा काम हो जाता जो कानूनन अपराध है। वह अपराधी बन कर जेल में चला जाता है। परिवार बर्बाद हो जाता है। हमारे आदिवासी समाज में बली प्रथा का जो अंधविश्वास भरा है। उसे भी छोड़न चाहिए। स्वच्छ मन से भगवान को भजो वह प्रसन्न होगा। कुरीतियों को मिटाओ। समाज को आगे बढ़ाओ।

गायत्री परिवार के लिए किया भूमिदान
बाबा ने अपनी कृषि भूमि का एक हिस्सा गायत्री परिवार के आयोजन के लिए दान किया है। कृषि की प्राप्त आय से उपस्थित समुदाय की भोजन आवास व्यवस्था होती आ रही है। दूर दराज से हजारों आदिवासी भाई बहन बिना आमंत्रण के सालीटांडा जनेऊ संस्कार आयोजन में उपस्थित होते हैं।उक्त कार्यक्रम में लगभग पांच हजार व्यक्तियों ने उपस्थिति होकर जनेऊ धारण किया। इस अवसर पर संकल्प के साथ 850 आदिवासी भाइयों ने शराब का त्यागने का संकल्प लिया।

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