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सियासत:- केंद्रीय मंत्री की "दो टूक- वोटकटवा राजनीति से बीजेपी को कोई नुकसान नहीं" दमदारी से कहा रमन विकास के बलबूते जिले की तीनों विधानसभा में लहरेगा बीजेपी का परचम।



By योगेश थवाईत।

जशपुर(पत्रवार्ता) चुनाव में कुछ हो या न हो जुबान का वजनदार होना जरूरी है।अब तक बागियों के तेवर को लेकर बीजेपी ने कोई बयान जारी नहीं किया था।

इस बार केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान दमदारी से यह बात कही कि रमन सरकार के विकास के दम पर हम जशपुर जिले की तीनों विधानसभा सीट जीत रहे हैं।

स्वर्गीय दिलीप सिंह जुदेव के धर्मपुत्र प्रदीप नारायण सिंह के जशपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रुप मे उतरने से यहां की राजनैतिक फिजा गरमा गई है।जब पत्रवार्ता की टीम ने केंद्रीय मंत्री से इस मुद्दे पर सवाल किया तो विष्णुदेव साय ने दो टूक शब्दों में कहा कि

"इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा,
मतदाता जागरूक हैं वे अपना 
बहुमूल्य मत वोटकटवा लोगों 
को देने वाले नहीं हैं।
वोटकटवा लोग कोई जीतने के
हिसाब से तो चुनाव लड़ते नहीं 
हैं तो जनता इतनी नासमझ 
नहीं है कि वह अपना बहुमूल्य 
वोट बरबाद करेगी।"

कांग्रेस की साजिश के सवाल को एक सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि हम जशपुर की तीनों विधानसभा सीट पर बीजेपी का परचम लहरा रहे हैं।

फिलहाल केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद एक बार फिर से बीजेपी की जमीन मजबूत होती दिख रही है।

आपको बता दें कि बीजेपी जिस महाशक्ति कोरवा मतदाता के भरोसे अब तक चुनाव में जीत हासिल करती आई है,उसी समाज के नेतृत्व में हर्राडीपा खुड़िया दीवान प्रदीप नारायण सिंह भी "जय जूदेव"के नारे के साथ चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

जशपुर विधानसभा सीट में कोरवा मतदाता के आंकड़े पर नजर डालें तो लगभग 25 हजार मतदाता पूरे विधानसभा इलाके में हैं।जिसमें पहाड़ी व दिहाड़ी (बबुआन कोरवा)भी शामिल हैं।

बगीचा विकासखंड में 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 2300 कोरवा परिवार थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 3700 परिवार तक जा पंहुची है।तीन हजार कोरवा परिवार ऐसे हैं जिनमें लगभग 12 हजार के आसपास कोरवा मतदाता हैं।ऐसे में यह निश्चित है कि दीवान के प्रभाव वाले इलाकों में बीजेपी के कुछ वोट प्रभावित होंगे।

राजनैतिक रणनीतिकार मानते हैं कि चुनावों में वोट काटकर किसी तीसरे को फायदा पंहुचाने के लिए ऐसे हथकंडों का प्रयोग किया जाता है।पिछले चुनाव में भी ऐसी स्थिति निर्मित हो चुकी है।केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि मतदाता जागरूक हैं।

"लोग भीड़ को वोट 
समझने की भूल करते हैं।
कोरवा मतदाता वर्षों से 
बीजेपी के पम्परागत वोटर्स 
रहे हैं।इसके साथ रमन के 
विकास को लेकर गांव गांव
तक लोग जागरूक हैं।"

इस चुनावी समर में माहौल बनते बिगड़ते रहेंगे।अब देखना दिलचस्प होगा कि केंद्रीय मंत्री द्वारा दिये गए बयान के बाद विपक्षी पार्टियों का अगला कदम क्या होगा।


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