.

तीखे बाण :-एग्जिट पोल 2018 "फिर हार गई जनता..."


विश्वबंधु शर्मा के फेसबुक वाल से साभार 

जशपुर(पत्रवार्ता) चुनाव में इस बार अजब रंग देखने को मिला। एकतरफ जब तालाब के सारे फूल मुरझा रहे थे तो दूसरी तरफ युवा सिटी बजाकर झाड़ू लगाते हुए सफाई अभियान में जुटे थे। कुछ किसान किराए के ट्रेक्टर से बंजर जमीन में फसल उगाने में जुटे रहे,जिन्हें यकीन था कि उनपर अब हुक्मरानों का हाथ नहीं रहा। एक ने तो हाथी में सफर की शुरुआत की थी जो सायकल में उतर आया। सायकल पकड़ना भी मजबूरी थी क्योंकि एक तो पेट्रोल के भाव आसमान छू रहे थे, वहीं दो लीटर के पेट्रोल पर्ची के लिये महाभारत हो रहा था। जब जिले की नदियां सूखने लगी तो  एक बड़ा वर्ग बाल्टी भर भर के सबकी उमीदों में पानी फेरने लगा...इस उहापोह में जनता खुद कन्फ्यूज हो गई कि अगले चुनाव में वो किसे वादा खिलाफी का आरोप लगाकर कोसेंगे...?

इधर न जाने किसने..? लोकतंत्र का महापर्व 
एक त्योहार की तरह मनाये जाने का 
इस कदर माहौल बना दिया कि मतदान 
केंद्र मंडपों में तब्दील हो गए। कुछ ने 
दूल्हों के साथ खुद को सहबाला बताकर 
खूब सेल्फी लिया तो अधिकांश नाखून 
में महावर पुतवाकर अपनी रिश्तेदारी 
भी सुनिश्चित कर ली। दुल्हन किसको
 मिलेगी अभी तय नहीं हुआ है.।

जशपुरिया संस्कृति में हर त्योहार का बासी मूल त्योहार से कहीं अधिक उत्साह भरा और रोमांच लिए होता है...होली हो, दिवाली या फिर चुनाव ही क्यों न हो...। वोट हो गया. अब परम्परा है तो बासी भी लोग खूब मना रहे हैं। आज इसको जीता रहे हैं तो कल उसको... धुसका के होटलों में इन दिनों भीड़ भी खूब देखने को मिल रही है और राजनीतिक चर्चा भी खूब हो रही है। जशपुर का कोई भी त्योहार धुसका के बिना अधूरा है.......।

लोकतंत्र के इस महासंग्राम में यदि किसी खिलाड़ी के जीत हार का आपको मतगणना पूर्व परिणाम और सही विश्लेषण चाहिए तो आप किसी धुसके के दुकान में चले जाइये....
विश्वास मानिए सारे चैनल, 
अखबार,सर्वे अलना-फलना 
एग्जेट पोल से कहीं बेहतर 101% 
सटीक परिणाम आपको धुसका 
के दुकान में मिल जाएगा।

जशपुरिया धुसका और जशपुर की राजनीति में बहुत समानता है....

जशपुर बस स्टैंड से लेकर मनोरा बस स्टैंड मोड़ तक एक दर्जन भर झोपड़ीनुमा होटल में जो स्वाद मिलेगा....कसम से बड़े बड़े 5 स्टार होटलों में भी दुर्लभ है..। उसपर मिर्ची की चटनी ...आह मजा ही आ जाए। इसके बावजूद तला हुआ मिर्च जैसे धनमिर्ची का कोई ताजा फेसबुक स्टेटस हो..। किसी को बड़ा टेस्टी लगता है तो किसी को लहर जाता है.  . ..।

जब से मोदी प्रधानमंत्री बने और रमन छत्तीसगढ़ का राजपाठ सम्हाले तो रंक भी राजा हो गए। इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव धुसके पर पड़ा, धुसका का स्वाद ही बदल गया। बताते हैं सील लोढ़े में पिसे जाने वाला मसाला अब मिक्सी मशीन में पिसा जाने लगा है, इसी कारण धुसके का स्वाद बदल गया है। स्वाद इधर उधर हुआ तो लोग मशीन को दोष देते हैं...कहते हैं हाथ से पीसा वाले का स्वाद अलग होता है। 

मैं तो कहता हूँ कि विकास को 
धुसके के होटल से समझना चाहिये।  
विकास का यही पैमाना हो कि कांग्रेस 
के जमाने मे क्या था और आज 
भाजपा युग मे धुसका विक्रेताओं 
की क्या स्थिति है...

मेरा मानना है अगर विकास और सरकारों की कार्यप्रणाली को यदि आप सही में समझना चाहते हैं तो एक बार किसी धुसके के झोपड़ीनुमा होटल में जरूर जाएं।

11 लाख की चमचमाती कार में लिफ्ट लेकर जब मैं कुछ बुद्धिजीवियों के साथ एक धुसके कि दुकान पर गया तो बड़ी सीख मिली। एक तो बुद्धिजीवियों ने मुझ जैसे नौसीखिये को उसी तरह कार चलाने दे दिया, जैसे राजनीतिक दल किसी को भी विधायक की टिकिट दे देते हैं। 

दूसरा यह कि होटल चला रहे युवक से जब मैं खर टाइप के धुसके का स्वाद लेते हुए पूछा कि भैया कौन जीत रहा है.....
भरे मन से होटल संचालक ने
प्लेट में मिर्च की चटनी डालते 
हुए बोला भैया सभी नेता जीत रहे हैं, 
हार तो जनता की होती है..जिस दिन 
जनता जीत जाएगी चुनाव की 
जरूरत ही नहीं पड़ेगी। 

कड़ाही से धुसके निकालते हुए संचालक ने हमारे वहां से निकलते हुए कह ही दिया...कि मुझे तो लगता है साहब  इसबार भी जनता फिर हार गई....
अनिकेत


इस पोस्ट पर सोशल मिडिया में जमकर बहस छिड़ी हुई है देखिये किसने क्या कहा 

UD Minz Bahut shandar
Manage
LikeShow More Reactions
Reply3h
Ritu Shukla Mere ko bhi khana hai dhuska
Manage
LikeShow More Reactions
Reply3h
Sajan Banjara इस लेख में कपड़े की धुलाई जैसे कार्यों में साबुन सर्फ का काम नही लगेगा...वासिंग मशीन में जैसे कपड़े सूखकर निकलते हैं👌👌👌
Manage
LikeShow More Reactions
Reply3h
Jitendra Thawait वाकई जनता हार चुकी है।
Manage
LikeShow More Reactions
Reply3h
Dipanshu Narayan Mishra वाह लाल चटनी....लहर👌👌👌👌👌
Manage
LikeShow More Reactions
Reply3h
Sunil Sharma बहुत सुंदर लाईन भाई
Manage
LikeShow More Reactions
Reply3h
Santosh Pradhan चटनी जब तक न मिले खाने का स्वाद कहाँ।
Manage
LikeShow More Reactions
Reply3h
LikeShow More Reactions
Reply2h
Anil Singh धुस्का...i like it
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Ravi Sharma अच्छा लेख गंभीर बातें
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Akhilesh Sahai जनता की हार तो जनता के दिमाग में ही फ़िट है
वो कभी धर्म बचाने के ख़ातिर अपने आपको शहीद कर लेता है
कभी जाति बचाने के ख़ातिर फिर शहीद हो जाता है
See more
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2hEdited
Bhaskar Dutt Tiwari Lekhni ki gti bnaye rakhiye... Bahut behtreen sampadan ...
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Rama Bhagat manora tk manoram wadiyon me ghumte huye jana aur manora me baith kr dhuska khana. . . Anand hi aa jata h. . 👍👌👌👌
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Amit Jain Dhuska Se rajniti ki jugalbandi jabardast lekh
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Vijay Soni कौन होटल है
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Vikas Kumar Gupta ध्यान रहे विश्वबन्धु जी 
ये जनता है सब जानती हैं
और जनता कभी भी नही हारती है ,
See more
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Tahir Chisty वाह क्या लेख है
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Ajay Gupta बहुत शानदार,,,कुछ इसी तरह के हवा मिठाई सभी के मन मे बन रही हैं
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Alok Rai वामपंथी सोच लगभग 75% जनता अपने आप को हराने के लिए वोट करेगें भाजपा के जीतने का दर्द दिख रहा है
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Santosh Mahapatra बहुत सही लिखे हैं 👌
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Sonu Jaiswal बहुत सुंदर लाईन भईया
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Satyaprakash Tiwari चुनावी विश्लेषण नए अंदाज में,,,,,,जनता के चुनाव जीतने का दर्द और धुसका का मशीनीकरण,,स्वाद का ठीकरा भी मशीन पर,कलम की यही तो बाजीगरी है,,,शानदार।।
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
Keshu Kumar Kya dhushka hai aap ka gajab
Manage
LikeShow More Reactions
Reply2h
LikeShow More Reactions
Reply1h
Deepak Heda चुनाव लोकतंत्र की ताकत है
जहां जनता अपना प्रतिनिधि चुनकर भेजती है
और जीत और हार मायने नही रखती
See more
Manage
LikeShow More Reactions
Reply1h
Ashok Thapa फ्री व्यवस्था हुआ क्या कार्यकर्ताओं के लिये
Manage
LikeShow More Reactions
Reply1h
Meenu Sinha Akele akele dhuska kha rhe hea bhaiya lalcha rhe hea
Manage
LikeShow More Reactions
Reply1h
Dha Nanjay Sinha जीतने का मजा तो तब आता है। 
जब कोई हारने का इन्तजार कर रहा हो
Manage
LikeShow More Reactions
Reply1h
Deepak Deshpande अप्रतिम स्तरीय लेख हैं विश्वबंधु...जैसा स्वाद खर धुसका और तेज चटनी में होता हैं वैसा ही तेज और खर यह लेख हैं...पर दुर्भाग्य हैं हाथ में लेखनी अौर कागज ही रखना हमारा कर्म रह गया हैं...किसी के हृदय और मस्तिष्क में प्रवेश कर मानसिकता हम नहीं बदल सकते...🙏🙏🙏
Manage
LikeShow More Reactions
Reply1h
Deepak Heda विचार अनुकरणीय हो तो मन और मस्तिक ही नही व्यक्तित्व भी बदल जा सकता है। प्रयास की सार्थकता का स्तर उच्चकोटी का होना अति महत्वपूर्ण है साहब
Manage
LikeShow More Reactions
Reply1h
Alok Rai लिखना केवल नेताओं के लिए ही किसी बीमारी से ग्रसित होकर लोक तंत्र के चौथे स्तम्भ की कारगुजारियों को भी लिखें कैसे लोगो को तंग किया जा रहा है तो माने
Manage
LikeShow More Reactions
Reply1h
Paresh Das वास्तव में खरे धुस्का का रहस्य और चटनी का स्वाद को आप उकेर दिए
Manage
LikeShow More Reactions
Reply1h
Sunita Gupta परफेक्ट खर औऱ तीखा भी
Manage
LikeShow More Reactions
Reply54m
Anant Singh सार्थक व्यंग्य लेख ।
बेहतरीन कटाक्ष।
Manage
LikeShow More Reactions
Reply53m
Shahbaz Mallick पानी की सप्लाई फुल पर ही पडा हैं चाहे पाईप कितना लीकेज हो
Manage
LikeShow More Reactions
Reply49m
Pravin Kumar Hotta Dhuska hotel bus station ke paas yaad aa gayaa
Manage
LikeShow More Reactions
Reply44m
Sudhir Pdsahu क्या बात है भैया जबरदस्त.....
Manage
LikeShow More Reactions
Reply27m
Pinky Soni Wah Kya Baat Hai👌👌
Manage
LikeShow More Reactions
Reply14m
Vinit Kumar Choudhary Waaah Bhaiyaaa
Manage
LikeShow More Reactions
Reply11m
Vashisth Singh वाह। अच्छा विश्लेषण
Manage


LikeShow More Reactions
Reply6m
Share on Google Plus

About patravarta.com

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 Comments:

Featured Post

बड़ी खबर : जब उड़नदस्ता टीम ने छात्राओं के उतरवाए कपड़े...? ..और फांसी के फंदे पर झूल गई 10 वीं की छात्रा।

जशपुर(पत्रवार्ता) बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए जांच के नाम पर छात्र छात्राओं के कपड़े उतरवाकर जांच किए जाने का मामला सामने आया ...