... खबर चुनावी:-20 साल बनाम शैलेष पांडेय,बिलासपुर सीट पर मुकाबला हुआ दिलचस्प..

खबर चुनावी:-20 साल बनाम शैलेष पांडेय,बिलासपुर सीट पर मुकाबला हुआ दिलचस्प..



बिलासपुर(पत्रवार्ता.कॉम)विधानसभा चुनाव 2018 में बिलासपुर सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने जा रहा है। भाजपा के 20 साल के मुक़ाबले काँग्रेस ने युवा नेता व शिक्षाविद शैलेष पांडेय पर दांव लगाया है। काँग्रेस के पास जहाँ शहर की बदहाली, अव्यवस्थित अधूरे विकास का मुद्दा है, वहीं भाजपा के सामने सीट बचाने की चुनौती।


बीते 20 वर्षों से शहर सत्ता में भाजपा के अमर काबिज़ रहें हैं। विधायक व मंत्री होने के कारण शहर विकास की दोगुनी जिम्मेदारी उनपर रही है। इसमें ये कितने सफल हो पाएं हैं, शहर की बदहाली अधूरे व अव्यवस्थित धीमे विकास के साथ जनता ये बखूबी समझती है। नाली,पानी,सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं तक का अभाव यहां आम है। हां इतना ज़रूर है कि हर बार की तरह इस बार भी चुनाव से पहले थूक पॉलिस कर इसकी भरपाई करने की कोशिश की जा रही है।

इधर लम्बे समय से शहर सत्ता से दूर काँग्रेस इन सब मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा आक्रामक हुई है। बीते कुछ समय से प्रदेश में बिलासपुर राजनीति का केंद्र रहा है। अरपा, सीवरेज, सड़क,नाली, सफाई, पेयजल समस्या जैसे मुद्दों को काँग्रेस ने जमकर उठाया है।

बहरहाल शहर सत्ता में भाजपा के 20 साल बनाम कांग्रेस के युवा व शिक्षाविद शैलेष पांडेय मैदान में हैं। अब तय शहर की जनता को करना है कि वो अधूरे व अव्यवस्थित विकास के लिए सत्ता के नेता को चुनते हैं या फिर नई सोच व बदलाव के लिए काँग्रेस को मौका देते हैं।

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