... BREAKING:गोंगपा और कांग्रेस में रार,गठबंधन की संभावना खत्म,90 सीटों पर गोंगपा लड़ेगी चुनाव..

BREAKING:गोंगपा और कांग्रेस में रार,गठबंधन की संभावना खत्म,90 सीटों पर गोंगपा लड़ेगी चुनाव..


बिलासपुर(पत्रवार्ता.कॉम)काँग्रेस और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के गठबंधन की संभावना लगभग खत्म हो गयी है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने इसका ठीकरा काँग्रेस पर फोड़ते हुए अलायंस को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अब समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर प्रदेश के 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गोंगपा के रुख के बाद एक बार फिर प्रदेश में सियासी हलचल तेज़ हो गयी है।


दरअसल बीते दिनों काँग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी छग प्रवास पर थे, तब कोटमी में आयोजित सभा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम ने मंच साझा किया था, इसके बाद से ही ये कयास लगाये जा रहे थे कि आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियाँ साथ आ सकती हैं लेकिन ऐसा हुआ नहीं और चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया। इसके बाद भी गाहे बगाहे काँग्रेस ये कहती रही कि गोंडवाना से गठबंधन की बात चल रही है और जल्द ही कोई निष्कर्ष भी सामने आने वाला है। हालांकि इसके बाद भी ऐसा हुआ नहीं। 

अब जब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अपना रुख साफ कर दिया है तो गठबंधन की संभावना लगभग खत्म हो गयी है। गठबंधन न होने का ठीकरा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने काँग्रेस के सर मढ़ा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम ने बताया कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए गठबंधन देश की आवश्यकता है। लेकिन अन्य पार्टियाँ इसे लेकर गंभीर नहीं है। प्रदेश में लम्बे समय से ये चर्चा है कि गोंडवाना कांग्रेस के साथ जा रही है लेकिन काँग्रेस ने अब तक इसके लिए कोई कारगर पहल ही नही किया है। इस मामले में काँग्रेस दोहरी नीति अपना रही है। एक तरफ उनके नेता मीडिया में ये कहते दिखते हैं कि गोंडवाना से अलायंस की बात चल रही है वहीं दूसरी तरफ उनके ही बड़े नेता 90 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान भी करते हैं। 


मरकाम ने साफ किया कि अगर काँग्रेस के तरफ से समझौते को लेकर पहल की गयी होती तो बीच का रास्ता ज़रूर निकलता। लेकिन कांग्रेस ने अलायंस को लेकर कोई बात नही की। हालांकि मरकाम ने एक रास्ता अभी भी खोल रखा है उनका कहना है कि अंतिम समय तक यदि काँग्रेस गठबंधन को लेकर पहल करती है तो समझौते पर विचार हो सकता है। इधर बसपा से गठबंधन को लेकर मरकाम ने स्थिति स्प्ष्ट करते हुए कहा कि पहले बसपा से गठबंधन की बात चल रही थी, लेकिन इसी बीच बसपा ने जोगी कांग्रेस से समझौता कर लिया। अब बसपा या जोगी कांग्रेस से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के समझौते की कोई गुंजाइश ही नहीं बची है।

बहरहाल गोंगपा के रुख से ये तो साफ हो गया है कि पार्टी ने अपने दम पर चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। अब देखना होगा कि इसका असर चुनाव में कितना होता है।

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