.

BREAKING पत्रवार्ता:-सियासत के धुरंधर अब करेंगे बगावत,बीजेपी की मुश्किलें बढ़ी,जशपुर विधानसभा मुश्किल में,कोरवा- नगेशिया मिलकर खड़े करेंगे निर्दलीय प्रत्याशी।


By योगेश थवाईत।
जशपुर(पत्रवार्ता.कॉम) जशपुर विधानसभा सीट को लीड देने वाले सियासतदानों के नाराज होने से अब बीजेपी की राह मुश्किल हो गई है।

आपको बता दें कि जिले की जशपुर विधानसभा सीट पर पिछले 35 वर्षों के इतिहास में केवल सौंसरिया उंराव उम्मीदवार को ही राजनैतिक पार्टियां टिकट देती है।जिससे कोरवा व नगेशिया समाज के लोग खासे नाराज हैं।इतना ही नहीं समाज के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा भी महज फाईलों में दबकर रह गई जिससे ये ठगे के ठगे राह गए।

उल्लेखनीय है कि जशपुर विधानसभा में लगभग लगभग 40 हजार नगेशिया किसान व 23 हजार कोरवा समाज के मतदाता हैं।पाठ समेत निचले इलाकों में भी इनका खास वर्चस्व है।

पिछले 23 सितंबर को बगीचा के रौनी में आयोजित सामाजिक बैठक में कोरवा व नगेशिया समाज के लगभग 300 से अधिक सदस्य जूटे थे।जिसमें दोनों समाज ने मिलकर जशपुर विधानसभा में निर्दलीय प्रत्याशी खड़े किये जाने फैसला लिया।

सामाजिक बैठक में रौनी,पंडरापाठ, कमारिमा, छिछली,सरधापाठ,सुरजुला,अलोरी,
बैगाकोना,रायकेरा,रतबा,टटकेला समेत पूरे जशपुर विधानसभा से कोरवा व नगेशिया समाज के लोग एकत्रित हुए थे।

बैठक में इस बात का जिक्र किया गया कि एक बार भी नगेशिया व कोरवा समाज को नेतृत्व का मौका नहीं दिया गया है।जबकि इन्हीं दोनों समाज के साझा प्रयास से पार्टियां जीत का जश्न मनाती हैं।

दोनों समाज की उपेक्षा से नाराज लोगों के बीच यह भी चर्चा हुई कि 16 अप्रैल 2012 में रमन सिंह ने घोषणा किया था कि नगेशिया समाज के 100 लोगों को 1 साल में नौकरी देंगे और समाज के 2 सदस्यों को प्राधिकरण में स्थान देंगे। जशपुर में 25 लाख का नगेशिया भवन साथ ही मंडल स्तर में 6 स्थानों पर 5-5 लाख के नगेशिया भवन की घोषणा भरे मंच से की गई थी।जो 6 साल में भी पूरी नहीं हुई।वहीं नगेशिया व किसान समाज को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में खासी दिक्कत आ रही है।इसका भी निराकरण नहीं किया गया।

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कोरवा,पहाड़ी कोरवा,दिहाड़ी कोरवा,बाबू कोरवाओं के नाम पर राजनीति करके बड़े बड़े पदों पर बैठने वाले पीछे मुड़कर नहीं देखते जिसके कारण कोरवाओं की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

अपनी उपेक्षा से नाराज कोरवा व नगेशिया समाज के सामाजिक बैठक में निर्दलीय प्रत्याशी उतारने का फैसला लिया गया है।जिससे बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

29 सितंबर को आमसभा का आयोजन

अपने इरादों को मूर्त रुप देने के लिए दोनों समाज के हजारों लोग आगामी शनिवार को बगीचा के बगडोल में जुटेंगे जहां समाज के हित के लिए नेतृत्व का चयन व अन्य चुनावी रणनीति बनाए जाने की योजना है।

फिलहाल पाठ इलाकों में परिवर्तन की लहर से बीजेपी को खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है।हांलाकि दोनों ही पार्टियों ने अब तक अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है।वहीं बीजेपी से राजशरण भगत,जगेश्वर राम भगत,रायमुनी भगत,रामू राम समेत पूर्व मंत्री गणेश राम भगत में से किसी एक को टिकट दिए जाने की उम्मीद है वहीं कांग्रेस से विनय भगत,फुलकेरिया भगत,हीरू राम निकुंज के नामों की सुगबुगाहट है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि सियायत के धुरंधरों को मनाने की कवायद में ऊंट किस करवट बैठेगा.?
Share on Google Plus

About patravarta.com

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 Comments:

Featured Post

बड़ी खबर : जब उड़नदस्ता टीम ने छात्राओं के उतरवाए कपड़े...? ..और फांसी के फंदे पर झूल गई 10 वीं की छात्रा।

जशपुर(पत्रवार्ता) बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए जांच के नाम पर छात्र छात्राओं के कपड़े उतरवाकर जांच किए जाने का मामला सामने आया ...