... बच के रहना जशपुर में होती है तगड़ी कार्यवाही-कौन पहुंचा जेल ?

बच के रहना जशपुर में होती है तगड़ी कार्यवाही-कौन पहुंचा जेल ?




जशपुर 38 लाख गबन मामले में आरोपी सब इंजिनियर पंहुचा जेल

जशपुर (पत्रवार्ता.कॉम) जिले में स्टापडेम,चेकडेम व मिट्टी डेम निर्माण में अनियमितता बरते जाने की शिकायत पर तात्कालीन कलेक्टर द्वारा जांच कराये जाने के बाद जल संसाधन विभाग के तात्कालीन मुख्य कार्यपालन अभियंता एन तिर्की सहित चार इंजिनियरों द्वारा 38 लाख 87737 रुपए का गबन किए जाने की पुष्टि विभागीय जांच में हुई थी।जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग के ईई समेत चार आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली थाने में अपराध दर्ज किया गया था।जिसमे तीन आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं वहीँ लम्बे समय से फरार चल रहे आरोपी बजरंग प्रसाद गुप्ता द्वारा मंगलवार को जशपुर न्यायालय में सरेंडर किया गया जिसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.


मामला है जशपुर विकास खंड का जहाँ के ग्रामीणों ने कलेक्टर को  स्टापडेम,चेकडेम व मिट्टी डेम निर्माण में अनियमितता बरते जाने की शिकायत की थी।कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए विभाग के तात्कालीन ईई विजय जामनिक को निर्देशित किया था। ईई श्री जामनिक ने शिकायत की विभागीय जांच के बाद शिकायत को सही पाते हुए मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी थी।



क्या हुई जांच
जांच में सामने आया कि मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्य टांगरकोना, स्टापडेम सह निर्माण कार्य 41 लाख में स्वीकृत हुआ था।यहां जांच के दौरान 11 लाख 35813 रुपए का गबन किया जाना पाया गया।इसी तरह देवराकोना में स्वीकृत मिट्टी बांध 50 लाख की लागत से बनाया जाना स्वीकृत हुआ था।यहां 6 लाख 1355 रुपए के गबन किए जाने का मामला सामने आया। ग्राम सुरजुला में डोंगझरना स्टाप डेम बनाने के लिए 35 लाख 58 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे,जिसमें जांच के दौरान 10 लाख 10697 रुपए का गबन किया जाना पाया गया।वहीं खरवाटोली में 27 लाख 36 हजार रुपए की लागत से स्टाप डेम बनाया जाना स्वीकृत हुआ था,जिसमें 11 लाख 39892 रुपए का गबन आरोपियों द्वारा किया गया था।

कलेक्टर के निर्देश पर विभाग ने विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता एन तिर्की के साथ तीन अन्य अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत की जांच के लिए पुलिस ने विशेष कमेटी तैयार की थी। जिसमें जल संसाधन विभाग के कर्मचारी भी शामिल किए गए थे। विभाग व पुलिस की संयुक्त जांच में शिकायत सही पाते हुए चारों आरोपियों के विरुद्ध धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।अपराध दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे सब इंजीनियर बजरंग प्रसाद गुप्ता ने कल जिला न्यायालय में सरेंडर किया है.वर्तमान में सब इंजीनियर पेंड्रा के बेलगहना में पदस्थ था..
       गौरतलब है की जिले की पुलिस फरार चल रहे आरोपियों के लिए विशेष अभियान नहीं चला रही ..मामले में यदि आरोपी इंजीनियर नौकरी कर रहा हो और गबन के ऐसे बड़े मामले में यदि उसकी गिरफ़्तारी न हो पाई हो तो यह जशपुर पुलिस के लिए बड़ा सवाल है.जिले में और भी ऐसे मामले हैं जिसमे अब भी गिरफ्तारी शेष है..देखना दिलचस्प होगा जशपुर पुलिस आरोपियों तक कब पहुचती है 

"गबन के मामले में आरोपी इन्जीनियर बजरंग प्रसाद गुप्ता द्वारा न्यायालय में सरेंडर किया गया है जिसे न्यायिक रिमांड में लेकर जेल भेज दिया गया है"
योगेन्द्र साहू,कोतवाली प्रभारी जशपुर

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