रायपुर, टीम पत्रवार्ता,24 फरवरी 2026
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किया जा रहा राज्य का बजट छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में एक निर्णायक पड़ाव साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह बजट “सुशासन से समृद्धि” के मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा।
नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा राज्य सरकार का यह तीसरा बजट न केवल सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेगा, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विज़न को भी स्पष्ट दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने और आमजन के जीवन स्तर में ठोस सुधार लाने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय संकल्प को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा और मानव संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई पहल की दिशा तय करेगा। औद्योगिक निवेश, अधोसंरचना विस्तार और कौशल विकास पर संभावित जोर राज्य को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर सकता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी यह बजट सरकार की कार्यशैली और प्रतिबद्धता की परीक्षा माना जा रहा है। यदि घोषणाओं के साथ ठोस क्रियान्वयन की रूपरेखा सामने आती है, तो यह बजट छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।



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