... पड़ताल : कहाँ गए एक करोड़ 84 लाख..? जल संसाधन विभाग सवालों के घेरे में..? पेयजल के लिए तरसेंगे लोग,इस वर्ष नहीं मिलेगा जल आवर्धन योजना का लाभ....कलेक्टर ने कही ये बात ....तो विभाग के EE ने कहा मै निलंबित हो गया हूँ ..??

पड़ताल : कहाँ गए एक करोड़ 84 लाख..? जल संसाधन विभाग सवालों के घेरे में..? पेयजल के लिए तरसेंगे लोग,इस वर्ष नहीं मिलेगा जल आवर्धन योजना का लाभ....कलेक्टर ने कही ये बात ....तो विभाग के EE ने कहा मै निलंबित हो गया हूँ ..??

 


जशपुर,टीम पत्रवार्ता,24 फ़रवरी 2021

BY योगेश थवाईत 

जशपुर जिले के नगर पंचायत बगीचा में लगभग साढ़े तीन करोड़ की नगर आवर्धन जल प्रदाय योजना अब खटाई में पडती हुई नजर आ रही हैआने वाले दिनों में पेयजल संकट गहरा सकता है।पिछले दो वर्षों से लंबित इस प्रोजेक्ट पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने अपने हिस्से का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया है वहीँ  एक करोड़ 84 लाख की शेष राशि पीएचई विभाग ने जल संसाधन विभाग को दे दी है जिसमें राजपुरी नदी पर एनीकट का निर्माण होना है।खास बात यह है कि जल संसाधन विभाग पिछले डेढ़ साल से उक्त राशि पर कुंडली मार के बैठा हुआ है।खबर है कि एनीकट निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है लेकीन अब तक काम शुरू न होना कई सवालों को जन्म दे रहा है

ये है कार्ययोजना 

नगर पंचायत बगीचा में लगभग साढ़े तीन करोड़ की लागत से पेयजल की व्यवस्था के लिए नगर आवर्धन जल प्रदाय योजना का काम पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शुरु कराया गया था।पीएचई के EE वीके उरमलिया ने बताया कि इस योजना के तहत नगर में शुद्ध पेयजल के लिए राजपुरी नदी में एनीकट,इंटकवेल ,वाटर ट्रीटमेंट प्लांट,पानी की दो बड़ी टंकी,लगभग 32 किलोमीटर पाईप लाईन,5 किलोमीटर राईजिंग मेन का कार्य होना था।जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है

जलसंसाधन की लापरवाही से अटका काम 

अब जलसंसाधन विभाग को एक करोड़ चौरासी लाख की लागत से वहीँ एनीकट कम स्टाप डेम  का निर्माण करना है जिससे इंटकवेल में पानी संग्रहित होकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में फिल्ट्रेशन के बाद पाईप लाईन के माध्यम से नगर की टंकियों में पंहुचेगा और वहां से नगर में पेयजल की सप्लाई घर घर तक होगी

8 महीने पहले मिला विभाग को पैसा 

पीएचई विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पत्र क्रमांक 2310 दिनांक 27 जुलाई 2020 को बैंकर्स चेक क्रमांक 422970 के द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति राशि एक करोड़ 84 लाख का हस्तांतरण जल संसाधन विभाग को किया गया है।लगभग 8 माह बीत जाने के बाद भी आज तक काम शुरू नहीं कराया जा सका है जिससे आगामी ग्रीष्म ऋतू में नागरिकों को पेयजल की आपूर्ति नहीं हो सकेगी

कार्यपालन अभियंता ने कहा 

कई बार फोन करने के बाद अंततः जल संसाधन विभाग के EE डी आर दर्रो ने फोन उठाया और जब हमने मामले में लेट लतीफी की बात कही तो उन्होंने कहा कि अब तक वर्क आर्डर जारी नहीं किया जा सका है।जुलाई में राशि मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई जो 29 प्रतिशत एसओआर से निम्न दर पर स्वीकृत हुई है।वर्तमान में उन्हें किसी मामले में निलंबित कर दिया गया है जिसके कारण अब नए अधिकारी द्वार आगे का कार्य देखे जाने की बात उन्होंने कही

कलेक्टर महादेव कावरे ने पत्रवार्ता से बताया कि पेयजल का मुद्दा बेहद गंभीर मुद्दा है तत्काल इस मामले पर उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देशित कर कार्य में गति लाने की बात कही है

अब देखना होगा कि बरसात से पहले नगर आवर्धन जल प्रदाय योजना का काम पूरा होता है या नहीं।जल्द काम शुरू नहीं होने की स्थिति में स्थानीय नागरिको द्वारा आन्दोलन की बात कही जा रही है

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