ब्रेकिंग पत्रवार्ता :- न चली लाठी न हुई जोर जबरदस्ती,स्कूली छात्रों ने हटा लिया चक्का जाम ..क्या है मामला ..पढ़ें पूरी खबर

By योगेश थवाईत


जशपुर (पत्रवार्ता.कॉम) जशपुर के बगीचा हाईस्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज स्कूली छात्र-छात्राओं ने आज हाईस्कूल चौक पर चक्काजाम कर दिया। एक ओर जहाँ प्रदेश में एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल द्वारा स्कूली बच्चो पर लाठी चलाकर चक्का जाम हटाने की तस्वीर सामने आई थी तो वहीं  दूसरी ओर जशपुर के बगीचा में शिक्षकों की मांग को लेकर किए गए चक्काजाम में इन छात्र छात्राओं को एसडीएम ने प्यार से समझाईश देकर जाम खुलवा लिया...और शिक्षकों के व्यवस्था की बात कही .... 

यहाँ बगीचा एसडीएम रवि राही ने तीर्थराज की तरह डंडे से नहीं बल्कि बच्चों को प्यार से समझाईश दी जिसके बाद महज 10 मिनट की समझाइश के बाद स्कूली छात्रों ने चक्का जाम हटा लिया ..... ,खास बात यह कि यहाँ एसडीएम के डंडे की जरुरत नहीं पड़ी बल्कि एसडीएम द्वारा महज 10 मिनट की समझाइश के बाद स्कूली छात्रों ने चक्का जाम हटा लिया ..

दरअसल बीते दिनों सड़क की मांग करने 
वाले छात्रों के द्वारा चक्का जाम करने की 
ख़बरों से छात्रों की मानसिकता पर खासा 
प्रभाव पड़ा है और अब जशपुर के बगीचा 
में उसी तर्ज पर फिजिक्स केमेस्ट्री के 
शिक्षकों की मांग को लेकर छात्रों ने 
गुरुवार को हाईस्कूल चौक में 
चक्का जाम कर दिया.....

छात्रों ने बताया की शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगीचा में फिजिक्स और केमेस्ट्री के शिक्षक नहीं हैं जिसके कारण अब तक वे पढाई से वंचित हैं ,जब से स्कुल खुला है तब से अब तक शिक्षक न होने से पढाई प्रभावित हो रही है वहीँ कई बार खंड शिक्षा अधिकारी को आवेदन देने के बाद भी शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई जिससे आक्रोशित होकर छात्रों ने चक्का जाम कर दिया..... 

यहाँ बगीचा एसडीएम रवि राही ने कार्य कुशलता का परिचय देते हुए तत्काल मामले को गंभीरता से लिया  और छात्रों से बात कर समस्या का हल निकालने का प्रयास किया उन्होंने स्कूली बच्चों को समझाइश देकर मनाया उन्हें 2 दिवस के अन्दर शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन देकर वापस स्कुल भेजा ,जिसके बाद सभी छात्र वापस अपने स्कुल चले गए ...

वहीँ इस मामले पर छात्रों को स्कुल के समय में सड़क पर चक्का जाम किये जाने पर उन्होंने संस्था अध्यक्ष पर भी कार्यवाही की बात कही है क्योंकि स्कूल के समय अगर बच्चे स्कूल से निकलकर इस तरह का आन्दोलन करते हैं तो उसके लिये पूरी तरह से संस्था प्रमुख जिम्मेदार हैं।


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