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प्रदेश में कानून व्यवस्था बेकाबू। शैलेष पांडेय, देवती कर्मा व मेरे खिलाफ मामला दर्ज करना, सत्ता के दम पर कानून का दुरुपयोग - भूपेश बघेल


रायपुर/बिलासपुर(पत्रवार्ता.कॉम) प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रमन सरकार पर जमकर हमला बोला।


महासमुंद विधायक विमल चोपड़ा और उनके समर्थकों पर की गई लाठीचार्ज को लेकर कहा कि अब प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत है। कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को डराने धमकाने में रमन सिंह ने सारी सीमाएं लांघ दी हैं, झूठे मामले बनाकर कभी एसीबी में मुकदमें दर्ज हो रहे हैं तो कभी सीबीआई में मामला दर्ज करवाया जा रहा है। 


बिलासपुर में कांग्रेस नेता शैलेष पांडेय के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों पर लगने वाली धाराएं लगा दी गई हैं, सीधे-सीधे सत्ता के दम पर कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है | 

मेरे खिलाफ न जाने कितने प्रकरण दर्ज कराए गए हैं । ईओडब्ल्यू में केस दर्ज किया गया, लेकिन आज तक मुझसे एक भी सवाल नहीं पूछा गया। प्रदेश की कानून व्यवस्था का यह हाल है कि राज्य की 27 हजार महिलाएं गायब हो गई हैं, लेकिन इसका जवाब सरकार के पास नहीं है।

इसके विपरीत बलात्कार के एक आरोपी के गिरफ़्तारी की मांग करने पर दंतेवाड़ा की कांग्रेस विधायक देवती कर्मा को कलेक्टर ने धमकी दी । दो स्कूली छात्रों की पुलिस द्वारा की गई हत्या के बाद परिजनों को देवती कर्मा जब हाईकोर्ट लेकर गईं तो पुलिस ने उन पर ही अपहरण का मामला दर्ज कर लिया।

भूपेश ने कहा कि प्रदेश के हालात जम्मू कश्मीर से भी ज्यादा खराब हैं। प्रदेश में विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना किसी कारण के निशाना बनाया जा रहा है । प्रदेश में जंगलराज हो गया है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। ऐसे में राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में पड़ गई है इससे नौजवान, किसान सहित समाज का हर वर्ग परेशान है । इसलिए मौजूदा हालात को देखते हुए यहां भी राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत है ।
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