... वो पूरी रात बच्चे के शव के साथ बैठी रही

वो पूरी रात बच्चे के शव के साथ बैठी रही


जशपुर( योगेश थवाईत) जब मां के दिल का टुकड़ा उसके सीने से अलग हो जाए तो हम भी नहीं समझ सकते उस मां पर क्या गुजरती है।यहां एक मां अपने मृत बच्चे के साथ पूरी रात बैठी रही।उसने इस आस में पूरी रात गुजार दी कि उसका बच्चा उठेगा और अपनी मां के साथ अटखेलियां करेगा।

मामला है जिले के बगीचा नगर पंचायत का जहां एक मां ने कुछ दिन पहले ही कुछ बच्चों को जन्म दिया जिसके बाद से वह उनकी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क दिखी।उसने न केवल उनके बेहतर पालन का कर्तव्य निभाया बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर सबसे बचा कर रखा।पर उसे कहाँ पता था कि मां के दुश्मन उसके बच्चे को उससे दूर कर देंगे।


काफी पता लगाने के बाद मामले की तह तक पहुंचने पर पता चला कि मां से कुछ लोग परेशान थे जिसे जहर देकर मारने का प्लान था जिसे अमल में लाया गया और वह जहर बच्चे के मुंह का निवाला बन गया और बच्चा मां से अलग हो गया।मां की आस बनी हुई थी की उसका बच्चा उठेगा लिहाजा मंगलवार की रात बगीचा मुख्य मार्ग पर बच्चे के शव के साथ पूरी रात वह मां बिलखती रही और इंतजार में उसने वहीं पूरी रात गुजार दी।

हम इंसान होकर भी उस दर्द को नहीं समझ सकते बावजूद उस मां ने अपनी संवेदना से सबको झकझोर कर रख दिया।एक मित्र ने मुझे एक इमेज भेजी और कहा मार्मिक स्टोरी बनाओ।वाकई कल शाम से इस दृश्य को मैं भी देख रहा था पर रह रह के यही बात जेहन में घर कर रही थी कि वह तो जानवर है जिनमें ऐसी संवेदना ऐसा प्रेम है फिर हम इंसानों में ऐसी संवेदना ऐसा प्रेम क्यों नहीं .....?


"फिलहाल मार्मिक स्टोरी तो बन गई पर यह संदेश अगर हम जीवन मे आत्मसात कर अपनी सोई संवेदना को जरा सा भी जगा सके तो मेरी लेखनी आप सबकी कृतज्ञ होगी।"

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