... खबर पर नजर : कांसाबेल "स्टील प्लांट" के विरोध में "भड़की चिंगारी",जब लगे "गणेश राम भगत वापस जाओ" के नारे,तो ग्रामीण महिलाएं और कंपनी के समर्थक हुए आमने सामने, जमकर हुआ हंगामा,महिलाओं ने उठाया लाठी डंडा,मचा बवाल देखिये वीडियो और समझिये पुरा मामला क्यूँ हुआ हंगामा.....सिर्फ पत्रवार्ता पर

समस्त देशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं

 



खबर पर नजर : कांसाबेल "स्टील प्लांट" के विरोध में "भड़की चिंगारी",जब लगे "गणेश राम भगत वापस जाओ" के नारे,तो ग्रामीण महिलाएं और कंपनी के समर्थक हुए आमने सामने, जमकर हुआ हंगामा,महिलाओं ने उठाया लाठी डंडा,मचा बवाल देखिये वीडियो और समझिये पुरा मामला क्यूँ हुआ हंगामा.....सिर्फ पत्रवार्ता पर

 

जशपुर,टीम पत्रवार्ता,12 जुलाई 2021

कांसाबेल के टांगरगाँव में माँ कुदरगढ़ी एनर्जी एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (MKEIPL) द्वारा लगने वाले स्टील प्लांट को लेकर अब ग्रामीण,सामाजिक संगठन,कम्पनी व समर्थक आमने सामने नजर आ रहे हैं।दरअसल रविवार को जनजातीय सुरक्षा मंच के नेतृत्व में पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ग्रामीणों के बुलावे पर अपने समर्थकों के साथ टांगरगाँव के सुखबासुपारा पंहुचे थे।यहाँ शांतिपूर्ण माहौल में ग्रामीणों के सामने अपनी बात रखने के बाद कुछ कांग्रेसी व कम्पनी के समर्थकों द्वारा जमकर हंगामा कर अपनी बात रखने की जिद की जाने लगी और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इस बात से शुरु हुआ विवाद 

देखिये गणेश राम भगत ने क्या कहा 

जब जनजातीय सुरक्षा मंच का कार्यक्रम समाप्त हो गया तब कुछ कांग्रेसी पंहुचकर 15 साल का हिसाब पूछने लगे और रोजगार की दिशा में उनके द्वारा किये गए काम के बारे में सवाल करने लगे इतने में कम्पनी के समर्थकों के द्वारा गणेश राम वापस जाओ के नारे लगाकर माहौल अशांत करने का प्रयास किया गया।वहां उपस्थित ग्रामीण महिलाओं ने जब इसका विरोध किया तो रोजगार की मांग पर अड़े कांग्रेसी व समर्थक आक्रामक हो गए और टकराहट की स्थिति निर्मित हो गई।सुखबासुपारा की महिलाए एकजुट होकर कम्पनी के विरोध में लामबंद हो गई और वहां विवाद करने वालों को लाठी डंडों से जमकर खदेड़ा और कहा कि उनके साथ धोखा किया गया है वे किसी भी कीमत पर यहाँ उद्योग स्थापित होने नहीं देंगे।

देखिये वीडियो कैसे महिलाओं ने खदेड़ा

इधर जनजातीय सुरक्षा मंच के हितरक्षा प्रमुख रामप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है।रामप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि जशपुर जिला पांचवी अनुसूची में आता है। जहां ग्राम सभा के बिना कोई कार्य नहीं  किया जा सकता।यहां प्लांट स्थापित करने के लिए कैसे सैकड़ों एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई यह बड़ा प्रश्न है।यहाँ  प्लांट स्थापित नहीं हुआ है और कम्पनी के लोग इस प्रकार क्षेत्र को अशांत करने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह चिंगारी अब बड़ा रुप लेगी और इस मामले में वे ग्रीन ट्रिब्यूनल तक जाएँगे।

सुनिए क्या कहा रामप्रकाश पाण्डेय ने 


कांसाबेल के टाँगर गांव में स्टील प्लांट की स्थापना के लिए आगामी 4 अगस्त को जनसुनवाई होनी है जिसको लेकर कम्पनी का दावा है कि उसके द्वारा सभी विधिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। वहीं इस विषय पर ग्रामीणों के साथ रविवार को पूर्व अजाक मंत्री की चर्चा होनी थी। चर्चा के दौरान कुछ आधे दर्जन की संख्या में महिला पुरुष पहुंचे और यहां हंगामा शुरू कर दिया, हलाकि हंगामा करने वाले भी यही कहते नजर आ रहे हैं कि वे श्री भगत का समर्थन करते हैं, लेकिन बहसा बहशी के बाद हंगामा काफी बढ़ गया जहाँ इतने बड़े संवेदनशील विषय पर शासन प्रशासन का कोई भी अमला मौके पर नहीं दिखा जहां भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती। प्रशासन की अब बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।बताया जा रहा है कि गणेश राम की समझाइश  पर महिलाओं का आक्रोश कम हुआ।


वीडियो 

इधर पूरे घटना क्रम के वीडियो के कुछ पार्ट का राजनीतिक दल के कार्यकर्ता अलग मतलब बनाकर वायरल कर रहे हैं।हांलाकि जनजातीय सुरक्षा मंच के उपाध्यक्ष चंद्रदेव ग्वाला ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि के नाम से यहां जमीन खरीदी गई और डरा धमकाकर जबरदस्ती जमीन दलाल गरीबों की कृषि भूमि को रजिस्ट्री करा रहे हैं।हमारे हरे भरे वातावरण को प्रदूषित करने के साथ यहां के खनिज का दोहन करने का काम कांग्रेस सरकार के इशारे पर किया जा रहा है।जब तक बीजेपी की सरकार थी तब तक कुछ नहीं हुआ और अब कांग्रेस की सरकार आते ही जशपुर जिले को प्लांट लगाकर बरबाद करने की तैयारी हो रही है।वहीँ पूर्व मंत्री को जवाब देते हुए कांग्रेस नेता हंसराज अग्रवाल ने कहा कि यहाँ दोनों पार्टी के लोग हैं आप अपनी बात कहें पर कांग्रेस को बदनाम ना करें।

इधर अपने उद्बोधन में गाँव के सरपंच सन्दीप टोप्पो ने बताया कि पूर्व मंत्री गणेश राम भगत हम सबको जगाने का काम कर रहे हैं।जिनका साथ सबको मिलकर देना है।यह लड़ाई हमारे जल जंगल जमीन की है जिसपर यहां के लोगों का अधिकार है।टाँगरगांव सुखबबासु पारा के ग्रामीण श्रीराम ने बताया कि यहां स्पंज आयरन का प्लांट किसी भी हालत में नहीं लगना चाहिए।यहां की भूमि कृषि कार्य के लिए है न कि उद्योगों के लिए।


उक्त घटना के बाद से ही पुरे जिले में जनजातीय सुरक्षा मंच के कार्यकर्ता एकजुट हो रहे हैं वहीँ बड़ी रणनीति के साथ विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।एक ओर रोजगार,विकास की नई संभावनाओं के साथ मानव तस्करी जैसे मुद्दे पर लगाम की बात है तो दूसरी ओर हरे भरे प्राकृतिक पर्यावरण को सुरक्षित करने की कवायद अब देखना होगा की किस प्रकार इन दोनों मुद्दों पर सामंजस्य स्थापित होता है

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